VIDEO: लाइब्रेरी में पढ़ रहे जामिया के 100 छात्रों को, पुलिस ने अपराधियों की तरह हाथ ऊपर करवाकर बाहर निकाला

देश में बने नए नागरिकता संसोधन विधेयक का विरो’ध कर रहे ‘जामिया मिलिया इस्लामिया’ के स्टूडेंट शुक्रवार को प्रोटेस्ट कर रहे थे. इसके बाद इस प्रोटेस्ट को और व्यापक करने के लिए तथा आगे की क्या रणनीति हो यह तय करने के लिए शनिवार को जामिया कैंपस में सभी प्रमुख छात्र संगठन, और सदस्यों ने एक संयुक्त सभा का आयोजन किया था. यहाँ यह तय करना था कि अगले दिन क्या किया जाना है.

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ़ देश भर में सभी राज्यों से जमकर विरो’ध हो रहा है. जिसमें से पश्चिम बंगाल, आसाम, मणिपुर, मेघालय जैसे जगह के हालात तो बेहद खराब हो ही चुके हैं. अभी बीती रात भी जामिया परिसर में भी पुलिस ने जामिया के नि’हथ्थे छात्रों और छात्राओं पर ला’ठियां भां’जी.

जामिया की केन्द्रीय लाइब्रेरी में पढ़ाई करने वाले तकरीबन 100 से भी अधिक छात्रों को, पुलिस ने उन्हें बाहर ऐसे निकाला जैसे कि वो कोई बड़े और कुख्यात अपरा’धि हों. सभी छात्रों के हाथ पर की तरफ उठे हुए थे. जामिया के सभी छात्र संगठनों ने पुलिस के इस कृ’त्य पर सवाल उठाये हैं, और उनपर कारवाही करने की मांग की है.

रविवार की दोपहर इन सभी छात्रों ने अपने आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों से घर-घर जाकर नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ रैली में समर्थन के लिए गुहार लगाई थी, और इन्होंने एक सा’मुदायिक मार्च निकालकर विश्वविद्यालय से बाहर की तरफ निकलना चालू किया.

 

यह मार्च जाकिर नगर और बाटला के नजदीक से होता हुआ शाहीन बाग़ की तरफ बढ़ रहा था. इसमें सभी छात्र नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ नारे लगा रहे थे. जैसे-जैसे यह मार्च आगे बढ़ रहा था, लोग इसमें शामिल होते जा रहे थे. और यह मार्च बड़ा होता जा रहा था.

 

रवीवार को तकरीबन 2:30 बजे यह मार्च ‘सूर्या होटल’ के नजदीक पहुंचा, तो उन्होंने देखा कि बैरिकेड लगाकर पूरे रास्ते को जाम कर दिया गया है. इसलिए सभी लोग न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में माता के मंदिर की तरफ आ गए और शाम 6:00 बजे के आसपास सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के आसपास स्थानीय लोगों और कुछ छात्रों का जमावड़ा होने लगा.

इसके बाद पुलिस ने स्टेशन के गेट बंद करवाकर वहां से भी छात्रों को गिरफ्तार किया गया. इतना ही नहीं जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टेशन, जो कि कैंपस के बिल्कुल ठीक बाहर है, उस स्टेशन के फाटक बंद कर दिए गए और ट्रेनें रोक दी गई, शाम 6:30 बजे द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, विश्वविद्यालय से कुछ लोगों को बाहर निकाल कर उनपर लाठियां बरसना चालू कर दिया.

इस तरह धीरे-धीरे यह आंदोलन एक हिंस’क आन्दोलन में तब्दील हो गया. शाम 7:00 बजे के आसपास विश्वविद्यालय की केंद्रीय पुस्तकालय से 100 से भी ज्यादा छात्र-छात्राएं, जो वहां पुस्तकालय में पढ़ रहे थे पुलिस ने इन सभी को  अपरा’धियों की तरह हाथ ऊँचे करवा कर बाहर निकाला. जिसको लेकर छात्र पुलिस पर कारवाही करने की मांग कर रहे हैं.

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