VIDEO: जवानी के 23 साल जेल में बीते, बाइज्जत बरी होकर घर लौटे तो नहीं मिले मां-बाप, कब्र पे जाकर फूट-फूटकर रोया

नई दिल्ली: कारपेट का कारोबार करने वाले भट्ट ने अपनी जवानी के 23 साल जेल में बीतने के बाद घर लौटा बेटा तो नहीं मिले माँ बाप कब्र पर जाकर फुट फुट कर रोया आपको बात दें 1996 के समलेती ब्ला’स्ट केस में राजस्थान हाई कोर्ट ने अली भट्ट समेत 4 लोगों को बाइज्जत बरी कर दिया। जेल से रिहा होने के बाद अली भट्ट सबसे पहले अपने घर श्रीनगर पहुंचे जहां उन्हें अपने माता-पिता की मौ’त का पता चला। फूट-फूटकर रोने लगे। अली भट्ट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

मंगलवार 23 जुलाई की वो शाम जब लतीफ अहमद बाजा 42 अली भट्ट 48 मिर्जा निसार 39 अब्दुल गोनी 57 और रईस बेग 56 ने जेल से बाहर कदम रखा। तो वो उनके लिए एक नया ही कदम था बता दें बेग को 8 जून 1997 को जेल भेजा गया था। और अन्य लोगों को 17 जून 1996 से 27 जुलाई 1996 के दौरान को जेल भेजा था। लेकिन इस दौरान किसी को भाई पैरोल या जमानत पर बहार आने की नहीं मिली थी अनुमति।

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हाई कोर्ट ने सोमवार 23 जुलाई को इन सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया। इस दौरान सभी के खिलाफ ऐसे कोई सबूत पेश नहीं कर सका, जिससे इन सभी को दोषी ठराया जा सके। साथ ही उनके व मुख्य आरोपी डॉ अब्दुल हमीद के बीच कोई लिं’क भी साबित नहीं हो पाया। बता दें कि इस मामले में डॉ. अब्दुल हमीद को सजा-ए-मौ’त मिली थी।

मंगलवार को रिहा होने के बाद इन पांचों लोगों ने बताया कि क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट क्राइम ब्रांच ने जब उन्हें आरोपी बनाया था जब वो लोग एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे। आपको बात दें बेग आगरा के रहने वाले हैं, जबकि गोनी जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से ताल्लुक रखते हैं। वहीं बाकी लोग श्रीनगर के रहने वाले हैं। जेल जाने से पहले अली भट्ट कारपेट का कारोबार करते थे।

जबकि लतीफ अहमद बाजा कश्मीरी हैंडीक्राफ्ट का सामान दिल्ली व काठमांडू में बेचते थे। वही निसार 9वीं कक्षा के छात्र थे, जबकि अब्दुल गोनी अपना खुद का स्कूल चलाते थे। जेल से रिहा होने के बाद गोनी ने कहा, ‘अब हमें कोई आइडिया ही नहीं है कि जिस दुनिया में हम कदम रखने जा रहे हैं वह कैसी है?

वहीं बेग ने कहा जब हम जेल में बंद हुए थे तो तब हमने रिश्तेदारों को खो दिया। मेरी मां बाप और 2 अंकल गुजर गए। हम बाइज्जत बरी कर दिए गए हैं लेकिन हमारे बीते हुए साल कौन लौटाएगा? उन्होंने बताया कि उनकी बहन की शादी हो चुकी है और अब उनकी भतीजी की भी शादी होने वाली है।

गौरतलब है कि 22 मई 1996 को राजस्थान के दौसा में जयपुर-आगरा हाइवे पर समलेती गांव में एक ब’स में ध’मा’का हुआ था। इस घटना में 14 लोगों की मौ’त हुई थी। जबकि अन्य 37 घायल हुए थे। यह बस आगरा से बीकानेर जा रही थी। यह ब’म ध’मा’का दिल्ली के लाजपत नगर ब’म ब्ला’स्ट के एक दिन बाद हुआ था।