महाराष्ट्र में हुआ तख्तापलट, अजित पवार को झटके के साथ ही एनसीपी की बैठक में 54 में से 48 विधायक पहुंचे

महाराष्ट्र में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। एक तरफ देवेंद्र फडणवीस के शपथग्रहण के खिला’फ एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका को मंजूर कर लिया है। तो दूसरी तरफ एनसीपी की बैठक में अजित पवार को तगड़ा झट’का पड़ा है अजित पर कार्रवाई करते हुए उन्हें विधायक दल के नेता पद से हटा दिया गया और उनकी जगह जयंत पाटील को विधायक दल का नेता बनाया गया।

सियासी उठापटक के बीच एनसीपी के विधायक दल की बैठक जारी है. बताया जा रहा है कि एनसीपी के 54 विधायकों में से 48 विधायक बैठक में हिस्‍सा लेने पहुंचे हैं. वही पहले खबर आई थी कि 9 बागी विधायक दिल्‍ली जा रहे हैं लेकिन बाद में उनमें से दो शरद पवार के पास लौट आए. उसके बाद 7 विधायकों के प्राइवेट चार्टर्ड प्‍लेन से दिल्‍ली जाने की खबर आई है।

महाराष्ट्र सियासी घट’नाक्रम में सबसे बड़ी बात की धनंजय मुंडे जो सुबह तक अजित पवार के साथ थे, वो भी बाद में NCP की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंच गए जैसे ही धनंजय मुंडे बैठक में शामिल होने हॉल में पहुंचे तो वहाँ उनका तालियां बजाकर स्‍वागत किया गया. खबर लिखे जाने तक अजित पवार समेत केवल 5 विधायक पार्टी की विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे हैं और उन पर दल बदल कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

आपको बता दें दिनभर चले सियासी घट’नाक्रम में सुबह सुबह देवेंद्र फडणवीस ने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली और अजित पवार को उप मुख्‍यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई जिसकी किसी ने उम्‍मीद भी नहीं की थी. उसके बाद सबसे पहले शिवसेना नेता संजय राउत की प्रेस कांफ्रेंस हुई और उन्‍होंने सारी कहानी के लिए अजित पवार को दोषी ठराया।

संजय राउत ने कहा कि अजित पवार पर पहले से ही संदेह था. रात की बैठक में वो आंख मिलाकर बात नहीं कर रहा था. जिसके मन में गलत करने की बात होती है उसका बॉ’डी लै’ग्‍वेंज दिखने लगती है. रात के अंधेरे में ही पाप किए जाते हैं. संजय राउत ने कहा कि अजित पवार ने महाराष्‍ट्र की जनता और शिवाजी महाराज के विचारों के साथ वि’श्‍वासघा’त किया है. शरद पवार के साथ धो’खा किया है।

साभार: ndtv