जम्मू कश्मीर को लेकर 57 मुस्लिम देशों के प्रस्ताव पर भारत ने दिया यह जवाब ?

नई दिल्ली: सऊदी अरब के शहर मक्का में आयोजित शिखर सम्मेलन में तुर्की की तरफ़ से उठाये जम्मू कश्मीर मुद्दे पर भारत ने अपनी असहमति जाहिर की है। भारत ने जम्मू-कश्मीर को अभिन्न हिस्सा है और यह आंतरिक मामला है, भारत ने यह बात इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) एक प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है।

बता दें कि इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों की हाल ही में अबूधाबी में बैठक संपन्न हुई थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, जम्मू कश्मीर पर प्रस्ताव के बारे में हमारी स्थिति अडिग और पूर्व परिचित है. हमारा जोर देकर कहना है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह मुद्दा भारत की आंतरिक सुरक्षा से संबंधित है।

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बैठक में कश्मीर के संदर्भ में कथित मानवाधिकारों के हनन का विषय उठाया गया और भारत से वहां संयुक्त राष्ट्र आयोग और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन को जाने देने की अनुमति देने को कहा गया। इससे पहले भी मार्च में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है और भारत के लिए यह पूरी तरह से आंतरिक मामला है।

तुर्की के विदेश मंत्री मैवलूत कावुसोग्लू जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत करते हुए कहा कि कश्मीर के मुद्दे को भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। जम्मू और कश्मीर एक मुस्लिम बहुल हिमालयी क्षेत्र, भारत और पाकिस्तान के हिस्से में है और दोनों पूर्ण रूप से दावा करते हैं। कश्मीर का एक छोटा हिस्सा भी चीन के कब्जे में है।

चूंकि वे 1947 में विभाजित हुए थे, इसलिए दोनों देशों ने तीन युद्ध लड़े हैं – 1948, 1965 और 1971 में – उनमें से दो कश्मीर पर। भारतीय और पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी कश्मीर के सियाचिन ग्लेशियर में 1984 से रुक-रुक कर युद्ध किया है। 2003 में एक संघर्ष विराम लागू हुआ।

जम्मू और कश्मीर में कुछ कश्मीरी समूह स्वतंत्रता के लिए या पड़ोसी पाकिस्तान के साथ एकीकरण के लिए भारतीय शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं।

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