नागरिकता संशोधन कानून पर BJP को तगड़ा झटका, CAA के भारी विरोध के बाद नीतीश कुमार का फैसला

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act 2019) पर पूर्वोत्तर में जारी हिं’सक विरो’ध प्रदर्शन के बीच बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी की सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार केंद्र सरकार द्वारा देशभर में लागू किए जाने वाले राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (एनआरसी) के खिलाफ है।

आपको बता दें भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल जिसने संसद में नागरिकता संशोधन अधिनियम (कैब) पर सरकार का साथ दिया था उसने आधिकारिक तौर पर एनआरसी के लिए मना कर दिया है।जदयू भाजपा की पहली सहयोगी पार्टी है जिसने खुलेतौर पर एनआरसी का विरोध किया है। वही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार कह रही हैं कि वह अपने राज्य में एनआरसी को लागू नहीं होने देंगी।

बीजेपी को सहयोगी जेडीयू ने दिया झटका, CAA पर भारी रोष और विरोध के बाद NRC पर साथ नहीं देने का फैसला

दरअसल कैब के पास होने के बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे संविधान विरो’धी कानून बताया था जिसका केरल में कोई स्थान नहीं है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि उनकी सरकार राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस पार्टी ने जो भी रुख अपनाया है, हम उसका पालन करेंगे।

दरअसल बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के साथ शनिवार को किशोर की दो घंटे तक चली बैठक के बाद उन्होंने कहा, की पार्टी के पहले वाले रुख के साथ हैं कि वह एनआरसी का समर्थन नहीं करेंगे। एनआरसी और कैब ख’तरना’क हैं। यदि एनआरसी नहीं है तो कैब ठीक है।

नीतीश प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद जदयू के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी एनआरसी पर सरकार को समर्थन नहीं करेगी। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में त्यागी ने कहा, पूरी पार्टी एनआरसी को समर्थन न करने के नीतीश कुमार के फैसले के साथ है।