एक शासक भारत आया और बोला मैं बाबर हूं, कानून मेरे नीचे है, अयोध्या केस में हिंदू पक्ष की सुप्रीम कोर्ट से…

अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद की विवादि’त ज़मीन को लेकर चल रहा सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा अब अपने अंति’म चरण में पहुँच चूका है| सोमवार को मुस्लि’म पक्ष के बयान पूरे हो चुके हैं और आज मंगलवार से हिन्दूपक्ष के बयान शुरू हो गए हैं| हफ्ते के आखिर तक ज़मीन पर सुप्रीम कोर्ट में हिन्दू पक्ष के भी बयान पूरे हो जायेंगे और नवम्बर की 17 तारीख तक फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है लेकिन आज हिन्दू पक्ष की सुनवाई के चलते वकील के परासरण का एक वि’वादास्प’द बयान सामने आया है|

आपको बता दें कि हिंदू पक्ष के वकील के परासरण ने अपने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इतिहास की गलती को सुधारना चाहिए। साथ ही परासरण ने कहा कि किसी को भी भारत के इतिहास को न’ष्ट करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यहां एक विदेशी शासक आया और बोला मैं बाबर हूं, कानून मेरे नीचे है। एक विदेशी यहां आकर अपने कानून लागू नहीं कर सकता।

बता दें कि सुनवाई के दौरान परासरण ने आगे कहा कि हिंदू सालों से राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हिंदूओं के लिए यह राम का जन्मस्थान है। वहीं मुस्लि’मों के लिए यह एक एतिहासिक मस्जिद है। मुस्लि’मों के लिए सभी मस्जिद एकसमान होती हैं लेकिन हम जन्मस्थान को नहीं बदल सकते।

उनके इस तर्क पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने वकील परासरण से कहा कि क्या आपको नहीं लगता कि एक मस्जिद हमेशा एक मस्जिद ही रहती है? इस पर वकील ने जवाब देते हुए कहा कि मेरा मानना है, जिस जगह एक मंदिर होता है वह हमेशा एक मंदिर ही रहता है।

जानकारी के लिए बता दें कि भारत में मुगल सम्राज्य के संस्थापक बाबर को भारत में आ’क्रमणका’री मानते हुए रामजन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। जिसके चलते बीते दिनों सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष का कहना था कि बाबर ने रामजन्मभूमि पर मस्जिद का निर्माण करवा कर पाप किया था।

वकील की इस प्रतिकिरिया पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह यहां पर बाबर के पाप और पुण्यों के बारे में बात करने नहीं बैठे हैं। वहीँ दूसरी ओर सोमवार को हुई सुनवाई में मु’स्लि’म पक्षकार वकील राजीव धवन ने अदालत पर आरोप लगाते हुए कहा था कि इस मामले की सुनवाई में सिर्फ उन्हीं से सवाल क्यों पूछे जा रहे हैं जबकि हिंदू पक्ष से कोई सवाल नहीं किया जा रहा है।

साभारः #Jansatta