हाईकोर्ट जज द्वारा हिन्दू राष्ट्र वाले बयान पर आया ओवैसी और फारुक़ अब्दुल्ला का बयान, किसने क्या कहा?

नई दिल्ली: मेघालय उच्च न्यायालय के जस्टिस एस आर सेन ने एक मामले पर फैसला देते हुए टिप्पणी की है कि भारत को हिंदू राष्ट्र होना चाहिए था. जज के इस फैसले के बाद सियासी गलियारे में हलचल मच गई है. जज ने कहा था कि भारत को बंटवारे के वक्त हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए था. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनने से रोकना चाहिए. इसके बाद कई दलों के नेताओं कि टिप्पणी आई है. जस्टिस सेन की इस टिप्पणी पर असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करके निशाना साधा है।

मेघालय हाईकोर्ट के जस्टिस सुदीप रंजन सेन द्वारा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए रखने की टिप्पणी के बाद बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने जहां इस बयान का समर्थन किया है, तो वहीं AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी और जम्‍मू कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री फारूक अब्‍दुल्‍ला ने एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के ऐसे बयान का विरोध किया है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने जस्टिस सेन के फैसले पर कहा कि न्यायाधीश जिसने भारतीय संविधान की शपथ ली है, वह इस तरह का गलत निर्णय नहीं दे सकता।

भारत इस्लामिक देश नहीं बनेगा। भारत एक बहुलता वादी व धर्म निरपेक्ष देश बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यह किस प्रकार का निर्णय है? क्या न्यायपालिका और सरकार इसका नोटिस लेंगी।

वही जम्‍मू कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्ेंस नेता फारूक अब्‍दुल्‍ला ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यह हमेशा ऐसा ही रहेगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि यह लोकतांत्रिक देश है, इसलिए हर किसी को अपनी बात और अपने विचार व्‍यक्‍त करने की आजादी है।