आज का मुसलमान, अगर सऊदी का रुख न करता तो यहाँ का सिस्टम हाथ में कटोरा थमा देता

एक 20 साल का युवा मुसलमान सुबह के 6 बजे सोकर उठता है और बिना किसी शोरगुल के नमाज़ अदा करके, चाय नाश्ता करने के बाद अपने बदन पर कपड़े डालकर कल की बची हुई कमाई के 20 या 30 रुपए अपनी जेब में डाल कर घर से अपनी खाने की जुगाड़ के लिए निकल जाता हूँ इसके बाद भी एक मुस्लिम के रास्ते में काफी रुकावटे आती है और उनका सामना करते सारा वक्त गुजर जाता है.

 

इसी समय जब दूसरे संगठन के लड़के किसी न किसी काम में फसें रहते है तो में वह समय उन लोगो के काम में खर्च करता हु जहाँ मेरी ज़रूरत रहती है, चाहे वह काम मिस्त्री का ही क्यों न हो, हम जैसे लोगो को यह दिन, इसीलिए देखना पड़ रहा है क्योकि यहाँ की सरकार ने हमारी ज़ात को, इतना दवा रखा है की, यहां से निकलना अब बहुत मुश्किल नज़र आता हैं.

इसी दौरान जब में काम करके अपने घर आता हूँ, तो हमारे यहाँ के दोस्तों से रात्रि के समय 1 या 2 घंटे बातें करता रहता हूँ. वह इसलिए की टी.वी. तो है लेकिन हमारी कालोनी में कोई न कोई फॉल्ट होता ही रहता है और इसी कारण लाइट भी नहीं रहती.

हां और छोटे समुदाय के मेरे जैसे लोग है, जो अपने आप को काफी ज्ञानी मानते है, वह मेरी समाज के हर काम में कोई न कोई फॉल्ट निकालते ही रहते है और फिर इसकी पोस्ट बना-बना कर हावड़ा पर चिपकाते हैं. लेकिन अगर आप मेरी समाज से यह उम्मीद कर रहें है की यह बिना सुविधा के ही डॉक्टर या इंजीनयर बन जाये. तो वह यह भी प्रयास कर रहें है.

लेकिन में आपसे वादा करता हूँ की अभी नहीं तो आज से कुछ सालों बाद अगर हमने सऊदी वासियो का रुख न अपना लिया तो आज आपके सिस्टम ने हमारे हाथ में भीख का कटोरा पकड़ा दिया होता. और हमें नालिया व गटर साफ करने के काम दिए जा रहे होते. हमने यहाँ की सरकार से यह चीज़ सीखी है की जो करना होता है, तुम्हे ही करना होता है बैठे-बैठे हाथ कुछ नहीं लगता है.

हम आपको बता दे की हम लोग सऊदी अरब इसलिए आये है की जिस वजह और मुसीबतों का सामना हमें करना पड़ा है पढ़ाई-लिखे एवं अन्य कामो का वह हमारी आने वाली नस्ल को न करना पड़े.

आज हम सवाल कर रहें है की सऊदी में पड़े हम जैसे जाहिल, गमार लोग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहें है और आप जैसे ज्ञानी, बुद्धि मान लोग यहाँ क्या कर रहे है हमें बताएँगे. हम दिन पे दिन अपने देश को प्रगति की और लेजा रहे है और आप अभी तक वही हैं.