AAP सांसद संजय सिंह ने किया मोहन भागवत से सवाल कहा- BJP से एक बयान दिलाइये मुसलमा’नों को कब तक…..

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को असम में एनआरसी से लोगों के बाहर होने को लेकर अपनी चिंता ज़ाहिर करते हुए लोगों की चिंता दूर करने का प्रयास किया है| उन्होंने अपना बयान देते हुए कहा कि एक भी हिं’दू को भारत छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। इसी के चलते मोहन भागवत के इस बयान पर आम आदमी पार्टी AAP के सांसद संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा है कि बीजेपी से ये बयान दिलवाइए कि वो मुसलमा’नों को कब बांग्लादे’श भेजेंगे।

आम आदमी पार्टी AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोहन भागवत की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोमवार को ट्वीट कर कहा कि भाजपाई कल तक NRC पर डिस्को डाँस कर रहे थे अब 12 लाख हिंदुओं को विदेशी घोषि’त करने के बाद बीजेपी की नई नौटं’की शुरू है अब भागवत जी कह रहे हैं हिंदुओं को देश नही छोड़ना होगा, भागवत जी बीजेपी से एक बयान दिलाइये कि मुसलमा’नों को कब तक बांग्लादेश भेजेंगे?

बता दें कि भागवत ने रविवार को असम में एनआरसी से लोगों के बाहर होने को लेकर लोगों की चिंताओं को दूर करने के प्रयास के तहत कहा कि एक भी हिं’दू को देश छोड़कर नहीं जायेगा। अब माना जा रहा है कि मोहन भागवत ने यह टिप्प’णी संघ और भाजपा समेत उससे जुड़े संगठ’नों की बंद दरवाजे के पीछे हुई समन्व’य बैठक के दौरान की है।

समाचार एजेंसी भा’षा की रिपोर्ट के मुताबिक, समन्वय बैठक के बाद संघ के एक पदाधिका’री ने कहा कि मोहन भागवत जी ने स्प’ष्ट कहा है कि एक भी हिं’दू को देश नहीं छोड़ना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दूसरे रा’ष्ट्रों में प्रताड़’ना और कष्ट सहने के बाद भारत आए हिंदू यहीं रहेंगे।


आपको बता दें कि असम में NRC की 31 अगस्त को जारी हुई अंतिम सूची में 19 लाख से ज्यादा आवेदकों के नाम नहीं हैं, इसमे 12 लाख हिंदू भी शामिल है। संघ के सूत्रों के मुताबिक बैठक में मौजूद कुछ नेताओं ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय नागरि’क पंजी की कवायद शुरू करने से पहले राज्य में नागरिकता संशोध’न विधेयक को लागू करने की जरूरत को भी रेखांकित किया है।

साथ ही बैठक में शामिल एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बंगाल में पहले नागरिकता संशोधन विधेयक लागू होगा और इसके बाद एनआरसी लाई जाएगी। राज्य के हिंदु’ओं को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। राजस्थान में इस महीने के शुरू में संघ की तीन दिवसीय वार्षिक समन्वय बैठक के दौरान यह चिंता व्यक्त की गई थी कि असम में एनआरसी की अंतिम सूची में कई वास्तविक लोग छूट गए थे जिनमें से अधिकतर हिं’दू थे।

इसके साथ ही माना जा रहा है कि भागवत का यह बयान इसी चिं’ता की पृष्ठभू’मि में आया है। भागवत 19 सितंबर को कोलकाता पहुंचे थे। भाज’पा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रति’निधिमंड’ल भी इस बैठक में शामिल हुआ।

साभारः #JantaKaReporter