मुसलमानों को भाजपा से हाथ मिलाने की सलाह देने वाले पूर्व मंत्री रौशन बेग को कांग्रेस ने किया बेदखल, जानिए वजह

बेंगलुरू: लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं की आलोचना के चलते पूर्व मंत्री रौशन बेग की कर्नाटक प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी ने निलंबित करने का निर्णय लिया। दरअसल लोकसभा चुनाव में करारी मात खाने के बाद कांग्रेस पार्टी में उपजी अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है. खासकर देश के दक्षिणी राज्य कर्नाटक में तो पार्टी की कलह अब बाहर आने लगी है. इसका सीधा प्रमाण उस वक्त देखने को मिला, जब कांग्रेस ने पार्टी अपने विधायक रोशन बेग को निलंबित कर दिया।

आपको बता दें कि रोशन बेग वही विधायक हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के पहले ही कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को निशाने पर लिया था. उन्होंने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और अन्य पदाधिकारियों को चुनाव में हार के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया था. चुनाव नतीजों के आने के ठीक बाद उन्होंने मुसलमानों को यह सलाह भी दी थी कि वे किसी एक पार्टी के भरोसे न रहें, बल्कि जरूरत पड़े तो भारतीय जनता पार्टी का भी साथ दें।

Image Source: Google

अब विधायक रोशन बेग इन्हीं बयानों को लेकर कांग्रेस ने उन्हें बागी मानते हुए पार्टी से निलंबित करने का फैसला किया है। पार्टी ने मंगलवार को कांग्रेस विरोधी गतिविधियों के लिए बागी विधायक आर रोशन बेग को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, की अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर विधायक आर रोशन बेग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केपीसीसी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दी।

बता दें रौशन बेग ने हाल ही में मुस्लिमों को ख़ास सलाह देते हुए कहा था कि अगर अगली बार भी राजग की सरकार बनती है तो वे लोग समझौता कर लें। उन्होंने कहा था कि राजग की सरकार बनने की स्थिति में मुसलमान भाइयों को परिस्थितियों से समझौता कर लेना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि अगर ज़रूरत पड़ती है तो मुसलमानों को भाजपा से हाथ मिलाने से भी नहीं हिचकना चाहिए। रौशन बेग मुस्लिमों के बीच राज्य में जाना-पहचाना चेहरा हैं।

Image Source: Google

लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधते हुए शिवाजीनगर से विधायक बेग ने हाल में फ्लॉप शो के लिए सिद्धरमैया के अ’हंकार और केपीसीसी अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव की अपरिपक्वता को जिम्मेदार ठहराया था।

आपको बता दें कि रोशन बेग ने लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के पहले से ही बागी तेवर अपना लिए थे. प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली और निर्णयों पर लगातार सवाल उठाते हुए रोशन बेग ने कर्नाटक में कांग्रेस की हार के लिए आला नेताओं को ही दोषी करार दिया था।

वही कहा ये भी जा रहा है कि रौशन बेग इसीलिए भी नाराज़ चल रहे थे क्योंकि राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बी जेड अमीर अहमद ख़ान का क़द राजनीति में लगातार बढ़ रहा है और वह उनकी जगह मुस्लिमों का चेहरा बन सकते हैं।