मस्जिद अल-अक्सा के ऐतिहासिक कब्रिस्तान को क्यों खोद रहा है इजराइल जहां हुजुर के दो साथी….

इज़राइल ने यरूशलेम के पुराने शहर में स्थित पवित्र अल-अक्सा मस्जिद के समीप ऐतिहासिक बाब अल-रहमा कब्रिस्तान के एक हिस्से में खुदाई शुरू कर दी है. फिलीस्तीनी न्यूज़ साइट वाफा के मुताबिक इजरायल की नेचर एंड पार्क ऑथोरिटी (आईएनपीए) ने मई के मध्य से मुस्लिम कब्रिस्तान में कब्र खोदने का काम शुरू किया था.

वहीं तुर्की समाचार पत्र डेली सबा के अनुसार मुसलमानों के लिए इस जगह का बहुत ही महत्व है, क्योंकि इस्लाम में माना जाता है कि उबादा इब्न अस-समित और शदद इब्न औस, पैगंबर मुहम्मद (सल.) के दो साथी यहां दफ्न हैं. ऐसे में इजरायल का कब्र खोदना काफी गंभीर सवाल खड़े करता है.

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वहीं इस मसले को लेकर न्यूज़ एजेंसी माआन के मुताबिक मई 2018 में मस्जिद की घेराबंदी का निर्माण किया गया था. इससे पहले 2015 में इज़राइल ने कब्रिस्तान के कुछ हिस्सों में एक राष्ट्रीय उद्यान का निशान बनाने की योजना का ऐलान किया था इसके लिए लगभग 40 प्रतिशत हिस्से को जब्त भी किया गया था.

यह कब्रिस्तान 1000 से अधिक वर्षों से इस्तेमाल में है लेकिन मार्च के दौरान फिलीस्तीनी सूचना केंद्र ने बताया था कि इजरायल के अधिकारियों ने फिलिस्तीनियों को नए कब्र खोदने से माना कर उसकी घेराबंदी का निर्माण किया था.

फिलिस्तीनी वकील सामी एर्शीद ने समाचार साइट को बताया कि इजरायल एक Fait accompli रणनीति की तलाश में थे क्योंकि कब्रिस्तान के भाग्य पर इज़राइली कोर्ट के समक्ष कानूनी मामले हैं. संयुक्त राष्ट्र ने कई बार कहा है कि पूर्वी यरूशलेम के पुराने शहर पर इजरायल का कब्ज़ा पूरी तरह से अवैध है.

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वहीं तुर्की ब्रॉडकास्टर ए न्यूज के अनुसार जून के पहले सप्ताहांत में कब्रिस्तान पर कब्जे का विरोध करते हुए कई फिलिस्तीन इजरायल की झड़प में घायल हो गए थे. कब्रिस्तान और अल-अक्सा इस्लाम के लिए तीसरी सबसे पवित्र साइट है. यहूदी धर्म में अल अक्सा के पूर्वी द्वार को मसीहा के प्रवेश द्वार माना जाता है जब वह वह लौटेंगे.