भोपाल तब्लिगी इज्तिमा, इस साल गिनीज बुक में दर्ज हो सकता है रिकॉर्ड्स

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हर साल की तरह इस साल भी आलिमी तब्लीगी इज्तिमा (Bhopal Almi Tabligi Ijtima) शुरू हो गया है. ये मुस्लिम समुदाय के दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है. इस समागम का इस बार 72 वां साल है. इसमें दुनिया भर के करीब 35 देशों से जमातें आयी हैं. चार दिन तक यहां धार्मिक तकरीरें चलेंगी. इस बार इज्तिमा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है. हर बार की तरह इस बार भी जमातों के रुकने और सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. पूरे इज्तिमा स्थल पर 4 लेयर सुरक्षा घेरा रखा गया है।

आपको बता दें हर साल होने वाला आलिमी तब्लीगी इज्तिमा अपने पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ शुक्रवार को शुरू हुआ. देश-विदेश से मुस्लि’म समाज की सैकड़ों जमातें इसमें शामिल होने आयी हैं. भोपाल के ईंटखेड़ी के घांसीपुरा में इज्तिमा हो रहा है, जो 22 नवंबर से लेकर 25 नवंबर तक चलेगा. इज्तिमा में पूरी दुनिया से इस्लाम के अनुयायी धर्म की शिक्षा हासिल करने और सिखाने आते हैं. इस दौरान उलेमा की तकरीरें भी होती हैं।

दुनियाभर के देशों से आती हैं जमातें भोपाल के आलिमी तब्लीगी इज्तिमा में

भोपाल आलिमी तब्लीगी इज्तिमा (Bhopal Almi Tabligi Ijtima) इसमें कुरआन में दी गई शिक्षा के मुताबिक हर एक इंसान को जिंदगी गुजारने की सीख दी जाती है. आपको बता दें इस बार यह आयोजन का 72 वां साल है. ख़ास बात ये है कि दुनिया के इस बड़े धार्मिक आयोजन को इस साल गिनीज़ बुक ऑफ वल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

भोपाल इज्तिमे में देशभर के मुसलमा’नों समेत दुनियाभर के लोग भी जमातों से आते हैं. जैसे अमेरिका, चाइना, सऊदी अरब, कुवैत, रूस, ब्राजील, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और भारत के आसपास के तमाम देश इसमें शामिल हैं.

आपको बता दें भोपाल इज्तिमा का इतिहास 72 साल पुराना है. 1944 में ये सिर्फ 13 लोगों के साथ शुरू हुआ था. जिसमें अब लाखों लोग शामिल होते हैं. इस बार 13 लाख से भी ज़्यादा मुस्लि’म अनुयाइयों के शामिल होने का अनुमान है. पहले इज्तिमा एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में शुमार भोपाल की ताजुल मसाजिद में होता था. लेकिन इसमें बढ़ती जमातों की संख्या को देखते हुए इसे शहर के बाहर ईंटखेड़ी में शिफ्ट कर दिया गया है।

इज्तिमा में इस बार भी यहां चार लेयर में सुरक्षा बैठायी गयी है. पूरे इज्तिमा स्थल पर 200 सीसीटीवी कैमरे और चार हज़ार जवान लगाए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को A-B-C-D में बांटा गया है. इसमें होमगार्ड्स, लोकल पुलिस, आरएएफ, एसएएफ तैनात हैं. ये चारों मिलकर बाहरी और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं. इज्तिमा स्थल पर ब’म डिस्पोजल स्क्वायड और डॉग स्क्वायड भी तैनात किए गए है।

वहीं भोपाल इज्तिमा बदलते वक़्त के साथ ही हाईटेक हो गया है. पहली बार ये डिजिटल हो गया है. इसका एक एप्प लांच किया गया है. इस बार पीएम मोदी की मुहिम को ध्यान में रखते हुए नो पॉलीथिन और ज़ीरो वेस्ट थीम रखी गयी है. सिगरेट और बीड़ी पर पाबंदी है।