VIDEO: AMU के छात्रों पर लगे देशद्रोह का मुकदमा वापिस, वजह हैरान करने वाली

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हैदराबाद के सांसद असदउद्दीन ओवैसी के पहुंचने को लेकर हुए हंगामे के बाद अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में बवाल मचा गया था जिसके बाद विश्विद्यालय के करीब १४ छात्रों पर पुलिस ने देशद्रोह का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर कर दिया था. इसके बाद से ही यह मामला विवादों में है लेकिन अब छात्रों पर देशद्रोह को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है. आपको बता दें कि युनिवर्सिटी के छात्रों ने अपने ऊपर लगाए गए इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए झूठा और मनगढ़त करार दिया था.

लेकिन अब इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी अपनी गलती मन ली है. पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्रों के खिलाफ सबूत नहीं मिले है इसी के चलते अब उन पर दायर देशद्रोह का मामला वापस लिया जाएगा. अलीगढ़ के एसपी आशुतोष द्विवेदी ने जांच के बाद कहा कि छात्रों पर प्राथमिक जांच में राजद्रोह के आरोप साबित नहीं होते है.

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उन्होंने बताया कि सबूतों का आभाव से यह आरोप साबित नहीं हुए है इसलिए इन्हें हटाया जाएगा. वहीं इस मामले को लेकर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि मामले में अब तक सामने आए तथ्य से छात्रों पर लगा देशद्रोह का आरोप साबित नहीं होता है.

उन्होंने कहा कि अभी तक एकत्रित सबूत देशद्रोह साबित नहीं करते है लेकिन हम आगे जांच कर रहे है और कुछ सुबूत इकट्ठा कर ने में जुटे है. अगर छात्रों पर देशद्रोह के आरोप के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता है तो मुकदमे में यह धारा हटा दी जाएगी.

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी की युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी की शिकायत के बाद एएमयू के 14 छात्रों के खिलाफ देशद्रोह और ह$त्या की कोशिश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था. लोधी का कहना था कि जब वह एएमयू परिसर से लगे हुए इलाके से गुजर रहे थे.

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उसी दौरान विश्वविद्यालय के इन छात्रों की अराजक भीड़ ने उनका घेराव कर लिया था और देश विरोधी नारेबाजी की थी साथ ही उन पर जानलेवा हमला भी किया गया था. इसी के आधार पर ऐसे 55 छात्रों की सूची तैयार की गई है जिनके खिलाफ जल्द ही गैर जमानती वारंट निकले जाएगें.

साथ ही एएमयू प्रशासन से इन छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा. आपको बता दें कि एएमयू के प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि लोधी विश्वविद्यालय के कुलपति को परिसर में एक मंदिर बनाने के लिये धमकी दे रहा है और अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह खुद ही परिसर में मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करेगा.