VIDEO: जीडीपी क्या है? और इसको कैसे मापा जाता है, समझें आसान भाषा में

VIDEO: जीडीपी क्या है? और इसको कैसे मापा जाता है, समझें आसान भाषा में

GDP In Hindi: दोस्तों आपने अक्सर सुना होगा कि किसी देश की जीडीपी कम हो गई है या ज्यादा हो गई है. GDP के बारे में कम या ज़्यादा होने की बात तो हम लोग कई बार सुन चुके हैं, लेकिन इस बात को शायद बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि जीडीपी का मतलब क्या होता है?. और किसी भी देश की जीडीपी के पैमाने को किस आधार पर मापा जाता है.

आज इस पोस्ट और एक वीडियो के ज़रिये, हम आपको बिल्कुल आसान तरीके से बताएंगे कि किसी भी देश की जीडीपी क्या होती है, और यह किस तरह से काम करती है. और किसी भी देश के लिए उसकी जीडीपी क्या मायने रखती है. हमारे भारत की GDP ग्रोथ कितनी है?.

भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट वर्तमान में कितनी है?

Easy Explain In Hindi What Is GDP

भारत की GDP ग्रोथ दूसरी तिमाही में घटकर 4.5% रह गयी है. साल 2019 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद ख़राब रहा है. लगातार पिछली 6 तिमाही में, यह आंकड़ा गिरता ही जा रहा है. कोर सेक्टर के बड़े उत्पादन क्षेत्रों में मंदी के चलते यह सब हुआ है. अब जानते हैं कि जीडीपी क्या होती है और इसका आंकलन कैसे किया जाता है.

जीडीपी क्या है? What is GDP [Hindi]

दोस्तों जीडीपी शब्द को सबसे पहले अमेरिका के एक अर्थशास्त्री ने खोजा था जिनका नाम था साइमन, इन्टरनेट पर खोजबीन के बाद पता लगा कि साइमन ने 1935 से 1944 के दौरान इस शब्द की खोज की थी.

यह वो दौर था जब दुनिया भर की बैंकिंग संस्थाएं अपने आर्थिक विकास का अनुमान लगाने का काम कर रहीं थी, लेकिन इनमें से किसी को भी यह नहीं सूझ रहा था कि किसी भी देश के आर्थिक विकास का किस तरह से अनुमान लगाया जाए.

तभी साइमन ने GDP शब्द को अमेरिका की कांग्रेस के सामने अच्छी तरह से परिभाषित करके दिखाया, और तब से ही दुनियाभर में जीडीपी शब्द का इस्तेमाल किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का पैमाना मापने के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा.

जीडीपी का पूरा मतलब | GDP Full Form In Hindi

GDP Full Form In Hindi

आपकी जानकारी के लिए बता दें, GDP का फुल फॉर्म होता है, Gross Domestic Product यानि कि ‘सकल घरेलु उत्पाद’ जिसको हम लोग शोर्ट फॉर्म में GDP बोलते हैं.

किसी भी देश की जीडीपी तीन चीजों के उत्पादन के आधार पर मापी जाती है, पहरा एग्रीकल्चर यानी कि कृषि, दूसरा है इंडस्ट्रीज यानी कि उद्योग उत्पादन के क्षेत्र और तीसरा है सर्विस यानी की सेवा का क्षेत्र.

इन तीनों क्षेत्रों में उत्पादन के बढ़ने या घटने के औसतन आधार को जीडीपी द्वारा मापा जाता है. यह सब कुछ इनकी कीमतों के आधार पर होता है तय होता है, जीडीपी को किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का सूचक भी कहा जाता है, क्योंकि इससे किसी भी देश में कारोबार की स्थिति और उसकी आर्थिक स्तिथि का पता चलता है.

जीडीपी में Domestic Product यानि कि घरेलू उत्पाद को ही गिना जाता है, मतलब कि हमारे देश के बॉर्डर के अंदर जो चीजें बनती हैं, सिर्फ वोही जीडीपी के दायरे में आती हैं.

इस चीज को थोड़ा आसान तरीके से ऐसे समझते हैं, जैसे कि किसी जूता बनाने वाली कंपनी ने जूता बनाया और वह हमारे देश में या विदेश में जाकर बिका तो वह जीडीपी की गिनती में आएगा, और इसी तरह से अपने देश में बनने वाली सभी वस्तुएं जीडीपी के अंतर्गत आती हैं.

अगर कोई वस्तु जो विदेश में बनती है और वह भारत में आकार बिक रही है तो उसकी गिनती जीडीपी में नहीं हो सकती. हमारे भारत में हर तिमाही में GDP के आंकड़े जारी होते हैं, मतलब कि हर तीन महीने में हमारी GDP की गणना की जाती है.

जीडीपी को किस तरह मापा जाता है?. | How Is GDP Calculated

Learn In Hindi How To Calculate GDP

किसी भी देश की जीडीपी को इस तरह मापा जाता है, मान लीजिए कि किसी देश में 1000 मोबाइल फोन बनते हैं और हर मोबाइल फोन की कीमत 100 रुपए है, तो उस देश की जीडीपी 1 लाख रुपए होगी और इसमें डबल काउंटिंग से बचने के लिए किसी भी प्रोडक्ट का अंतिम मूल्य लिया जाता है. मतलब किसी भी प्रोडक्ट की कीमत दो बार न जुड़ जाय इसीलिए ऐसा किया गया है.

इसको समझने के लिए अब जान लीजिए कि एक मोबाइल जब बनता है तो उसमें बैटरी भी लगती है और मोबाइल का ऊपर से लगाने वाला कवर जिसको मोबाइल केस भी कहते हैं तो ये दोनों GDP में उस फ़ोन के साथ नहीं गिने जायंगे .

जीडीपी मापने का फार्मूला कुछ अलग है, इसको आसान तरीके से ऐसे समझते हैं. नीचे दिए गए स्क्रीन शॉट को आप देख सकते हैं.

GDP Formula

GDP= C+I+G+ (X-M)

C= Consumer Expenditure उपभोक्ता खर्च

I= Industries Investment औद्योगिक निवेश

G= Government Expenditure सरकारी खर्च

(X-M = Export – Import

मान लीजिए कि कंजूमर एक्सपेंडिचर 100 रुपए है, और इंडस्ट्रीज इन्वेस्टमेंट 100 रुपए है, और गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर सरकारी खर्च भी 100 रुपए है. और Export, Import भी 100-100 रुपए है, तब ऐसे में उस देश की GDP होगी 300 रुपए क्योंकि GDP का मूल्यांकन करते समय एक्सपोर्ट को इम्पोर्ट से घटा दिया जाता है.

किसी भी देश की आर्थिक स्थिति की मजबूती का पता लगाने के लिए जीडीपी एक बेहतर जरिया है, क्योंकि सभी देश अपनी अपनी जीडीपी के आंकड़े जारी करते हैं. इससे एक आम आदमी भी आसानी से अंदाजा लगा सकता है कि इस देश की ग्रोथ दूसरे देशों के मुकाबले किस लेवल पर हो रही है.

अब बात करते हैं दोस्तों की जीडीपी कैसे बढ़ती है आपको बता दें कि जब किसी देश के निवासी उस देश में बनी हुई वस्तुओं को खरीदते हैं तब उस देश की जीडीपी बढ़ेगी जैसे के हम भारत के लोग भारत में बना हुआ सामान खरीदेंगे तो हमारे भारत की जीडीपी ग्रोथ बढ़ेगी.

अगर हम भारतीय लोग चाइनीज सामान को खरीदेंगे, तो इससे चाइना की जीडीपी ग्रोथ बढ़ेगी ना कि हमारे भारत की. अगर वाकई में आप अपने देश की तरक्की में साधारण तरीके से अपना योगदान देना चाहते हैं, तो केवल भारत में बनी हुई वस्तुओं का प्रयोग करें.

विदेशी चीजों को तभी खरीदें जब आपके पास कोई विकल्प ना हो, और इस तरह से आप हमारे देश की जीडीपी ग्रोथ बढ़ाने योगदान दे सकते हैं. सभी देश के नागरिकों को ऐसा करना चाहिए. चाइनीस और विदेशी ब्रांडों को खरीदने से बचें दोस्तों. आपको यह पोस्ट और वीडियो कैसा हमें ज़रूर बताएं.

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