विडियो: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य ने कहा- पैसा तो हे ही नहीं, फिर वजीफा कहां से देगी सरकार? एंकर ने तंज कसा अब तक क्या देश आप चला रहे थे

जब से मोदी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के 5 करोड़ मदरसे के छात्रों को वजीफा देने की बात कही है तब से उनका यह एलान लगातार विवादों में है. इस तरह सरकार का मदरसों के छात्रों को कंप्यूटर की सुविधा और वजीफा देना कई लोगों को नागवार सा गुजर रहा है. यहाँ तक कि खुद मुस्लिम समाज के धर्म गुरु भी इसमें शामिल हैं. इसलिए यह लोग लगातार विरोध किए जा रहे हैं. किसी के गले ये बात नही उतर रही है कि ये सरकार वाकई में मुसलमानों का भला कर सकती है?.

लेकिन हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी एक बार जो ठान लेते हैं वह करके ही मानते हैं. उन्हें किसी की परवाह नहीं कि कौन विरोध करता है और कौन अपनी रायशुमारी देता है. आज तक के शो दंगल के एंकर रोहित सरदाना ने इस मुद्दे को लेकर डिबेट बिठाई, जिसमें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और वकील महमूद थे.

उन्होंने कहा कि सरकार के पास तो पैसे हैं ही नहीं, तो फिर वजीफा कहां से देगी?. इस पर एंकर रोहित सरदाना ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले 5 साल से देश का खर्चा क्या आप चला रहे थे?

गौरतलब है कि सरकार ने मदरसों को हाईटेक करने पर जोर दिया है. उसमें हिंदी इंग्लिश और विज्ञान जैसी विषय को शामिल करने के लिए यह आधुनिकीकरण की सुविधा की जा रही है. क्योंकि इनके बिना मुस्लिम छात्रों का अकेले मदरसे की पढ़ाई से विकास संभव नहीं है.

क्योंकि जब तक वह दुनिया में चलने वाली भाषाओं को नहीं सीखेंगे तब तक समाज के मुख्यधारा में बराबर से नहीं चल पाएंगे. एंकर ने उनसे सवाल पूछा कि अगर सरकार मदरसे के छात्रों को छात्रवृत्ति देती है जिसमें से 50% लड़कियां हैं तो आपको इससे दिक्कत क्या है?

महमूद ने बीच में ही रोहित सरदाना की बात काटते हुए बीच में बोलते हैं कि मैं आपसे एक गंभीर विषय पर बात करना चाहता हूं लेकिन आप मेरी बात को मजाक में टाल रहे हैं. लेकिन मैं आपको बता दूं कि देश में पिछले 45 साल में अब तक सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर्ज की गई है.

लोगों के पास नौकरियां नहीं है तो मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को नौकरियां कहां से मिलेंगे? और रही बात फ्री में केस लड़ने की तो मैं खुद ही मेरे 70% के ऊपर केस फ्री लड़ता हूं. लेकिन बात मेरी नहीं हो रही है, अभी देश की बात हो रही है.

मैं यहां अपनी तारीफ करने के लिए नहीं आया हूं पिछले 5 साल के दौरान देशभर 27 करोड़ों से भी ज्यादा कर कर बड़ा है सरकार को पहले इन सब चीजों पर ध्यान देना चाहिए.