अल्लाह के रसूल फरमाते हैं दौलत पर घमंड करने वाले और बदमिजाज़ लोगों के लिए जन्नत में….

रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया हर बदमिज़ाज़ (बुरे मिजाज़ वाला) , ज़ियादा खाने वाला, मुतकब्बीर (घमंडी), बहुत ज़ियादा माल जमा करने वाला और बड़ा बखील अहल-ए-नार (दोज़ख़ियो) में से है और कमज़ोर और दबे हुए (मगलूब) लोग जन्नति हैं. अल-सिलसिला-अस-सहिहा, जिल्द 1, 63 मसनद अहमद-214 /2 -सही. अल-हाकीम-499 / 2

रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया मुसलमान एक आँत में ख़ाता है (यानी कम ख़ाता है) और काफ़िर सातों आँतो में ख़ाता है(यानी बहुत ज़्यादा ख़ाता है). सही बुखारी, 5396

अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सललल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया रोज़ा दोजख से बचने के लिए एक ढाल है. इसलिए ( जो रोज़ेदर हो) वो ना तो बीवी से हमबिस्तरी करे और ना फ़हाश (बुरी) और जहलत की बातें करे और अगर कोई शख्स उस से लड़े या उसे गाली दे तो उसका जवाब सिर्फ़ ये कहना चाहिए की मैं रोज़ेदर हूँ दो बार (कहे) , उस ज़ात की कसम जिसके हाथ में मेरी जान है.

रोज़ेदर के मुँह की बू अल्लाह के नज़दीक मस्क की खुश्बू से भी ज़्यादा पसंदीदा और पाकीज़ा है. (अल्लाह सुबहानहु फरमाता है) बंदा अपना खाना पीना और अपनी शहवात मेरी लिए छोड़ता है रोज़ा मेरे लिए है और मैं ही इसका बदला
दूँगा और नेकियों का सवाब भी असल नेकी के 10 गुना होता है. सही बुखारी , जिल्द 3, 1894

رسول الله صلى الله عليه وسلم نے فرمایا ہر بدمزاج (برے مزاج والا) ، زیادہ کھانے والا ، متکبّر (گھمنڈی) ، بہت زیادہ مال جما کرنے والا اور بڑھا بخیل اھل نار (دوزخیوں) میں سے ہے اور کمزور اور دبے ہوئے مغلوب لوگ اھل جنّت (جنّتی) ہیں
سلسلہ سہیہ-جلد ١-٦٣
مسند احمد ٢١٤/٢

رسول اللہ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا ، مسلمان ایک آنت میں کھاتا ہے اور کافر ساتوں آنتوں میں کھا تا ہے
صحیح بخاری

Rasool-Allah Sal-Allahu Alaihi Wasallam ne farmaya Har Badmijaz (bure mijaz wala) , Ziyada khane wala, Mutakabbir (ghamandi), bahut ziyada maal jama karne wala aur bada bakheel Ahl-e-Naar (Jahannami) mein se hai aur kamzor aur dabe huye (maglub) log jannati hain. Al-Silsila-Tus-Sahiha,Jild 1,63. Masnad Ahmed-214 /2-Sahih
Al-Hakim-499 / 2

Rasool-Allah Sal-Allaahu Alaihi Wasallam ne farmaya Musalman ek aant mein khata hai (yani kam khata hai) aur kafir saaton aanto mein khata hai(yani bahut zyada khata hai)Sahih Bukhari, 5396