जम्मू-कश्मीर दौरे पर पहुंचे राहुल गाँधी सहित 11 नेताओ को श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस भेजा

कांग्रेस के नेता राहुलगांधी अपने कई विपक्षी नेताओं के साथ शनिवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर श्रीनगर पहुंचे पर उनमे से कोई भी अंदर घाँटी पर नहीं जा सका क्यूंकि वहाँ मौजूद पुलिस ने उनको एयरपोर्ट पर ही रोक लिया और अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी | वहाँ मौजूद मीडिया रेपोटर ने बताया कि सभी पुलिस कर्मियों ने उनके साथ बदसुलूकी कर वहीँ से वापस लौटने पर मजबूर कर दिया न्यूज़ चैनल के पत्रकारों ने बताया कि मीडियाकर्मियों से बदसलूकी यह कहते हुए की गई कि यह डिफेंस एयरपोर्ट है और आप यहां रिपोर्टिंग नहीं कर सकते|

बताया जा रहा है कि इन सभी नेताओं से पहले है प्रशासन से वहाँ जाने से मना किया था परन्तु यह सभी लोग प्रशासन के मना करने के बावजूद वहाँ पहुंचे जिसके बाद श्रीनगर एयरपोर्ट से ही राहुल गाँधी समेत 11 विपक्षी नेताओं को वापस भेज दिया गया | बताया जा रहा है कि प्रशासन ने उनको एयरपोर्ट से ही बाहर नहीं निकलने दिया उनके साथ बदसुलूकी कर वापस लौटा दिया|

बता दें कि वहाँ पहुंचे नेताओं में राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा के अलावा शरद यादव आदि शामिल हैं| सूत्रों के मुताबिक़ अगर राहुल गाँधी समेत सभी नेताओं को अंदर जाने की अनुमति मिल जाती तो वह सभी नेता वहाँ जाकर लोगों से मुलाक़ात कर हाल-चाल जानते और वहाँ के हालात का जायज़ा लेते|

वहीँ दूसरी और राहुल गाँधी और बाकी नेताओं को अंदर जाने की अनुमति न देने का विरोध करते हुए राजिस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार को तो विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधि मंडल खुद वहां भेजना चाहिए था, जिससे जनता में उसके फैसलों के प्रति विश्वास बढ़ता।

इसके बाद घोलट ने कहा कि इस सरकार को खुद चाहिए था कि वह विपक्षी दलों के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बनाकर भेजती और यह कहती कि जो दावे मीडिया के माध्यम से हम कर रहे हैं, उन दावों में सच्चाई है और आप खुद जाकर देखिए|

इसके बाद कहा कि देश पर किसी संकट की स्थिति में या ऐसे हालात में सत्ता में बैठे लोग ऐसी ही पहल करते हैं जैसा कि बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपक्ष के अनेक नेताओं को दुनिया के अलग अलग मुल्कों में भेजा था।

साभार: #NDTVIndia  

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