इल्हान उमर अमेरिका में हिजाब पहनकर शपथ लेने वाली पहली मुस्लिम महिला बनी, रचा इतिहास

अमेरिका में हाल ही में हुए मध्यावधि चुनावों में शानदार जीत हासिल करने के बाद इल्हान उमर कांग्रेस पहुंच गई. इस जीत के साथ ही उन्होंने एक बड़ा इतिहास दर्ज किया हैं. इल्हान उमर हिजाब पहनकर शपथ लेने वाली पहली अमेरिकी मुस्लिम महिला बन गई है. गुरूवार को हुए शपथ ग्रहण में उन्होंने हिजाब बांधकर शपथ ली. 37 वर्षीय इल्हान उमर ने अमेरिका में अपने 23 साल के सफर के बाद यह मुकाम हासिल किया हैं.

इल्हान 14 साल की उम्र में सोमालिया से एक शरणार्थी के रूप में अमेरिका आई थी. 37 वर्षीय इल्हान डेमोक्रेट पार्टी से चुनी गई है उन्होंने हिजाब के साथ शपथ लेकर हाउस फ्लोर पर सिर ढकने पर लगे प्रतिबंध को खत्म करने की शुरुआत की.

डेमोक्रेट्स सदस्यों के नियमों के पैकेज को मंजूरी मिलने के बाद उनका ऐसा कर पाने के लिए राह आसान बनी. इस पैकेज के अनुसार सिर पर धार्मिक कपड़ा बांधने को मंजूरी दी गई हैं. हालांकि बेसबॉल टोपी या हैट पहनकर शपथ लेने की अनुमति अभी भी नहीं दी गई है.

इनता ही नहीं इल्हान ने पवित्र कुरान पर हाथ रखकर पद की शपथ ग्रहण की. नवंबर में हुए चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद से ही इल्हान उमर ने इस नियम के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी थी. उन्होंने जीत दर्ज करने के बाद कहा था कि मेरे सिर पर स्कार्फ किसी अन्य ने नहीं बल्कि मैंने खुद बांधा है.

उन्होंने आगे लिखा कि यह मेरी पसंद है, जिसकी रक्षा पहले संशोधन से की गई है और यह आखिरी प्रतिबंध नहीं है जिसके खिलाफ मैं आवाज उठाने वाली हूं. जिसके बाद स्पीकर चुनी गईं नेन्सी पैलॉसी और सदन नियम समिति के चेयरमैन जिम मैक्गवर्न ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया.

जिसके बाद 180 साल पुराना सदन में किसी भी तरह की टोपी, स्कार्फ या अन्य कपड़ा नहीं बांधने वाले नियम को हटा दिया गया. इस पर वर्ष 1837 से प्रतिबंध लगा हुआ था ब्रिटिश संसद के जमाने से चले रहे नियम के अनुसार सदन के प्रत्येक सदस्य या मेहमान को अपनी टोपी उतार कर रखनी पड़ती थी.