हार के बाद तय हुई ज़िम्मेदारी, शाह देंगे इस्तीफा इस बड़े नेता को बनाया जा सकता है राष्ट्रीय अध्यक्ष

धार (मध्य प्रदेश): पांच राज्यों में आए चुनाव नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. बीजेपी को सबसे भारी नुकसान एमपी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुआ है इन तीनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में थी. चुनाव के नतीजों के बाद चुनाव प्रचार के दौरान उछाले गए मुद्दों पर नजर डाली जाए तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनता ने राजनैतिक पार्टियों के धार्मिक और जातीय धुर्विकरण को नकार हुए उन्हें करारा जवाब दिया है।

बहरहाल, फिलहाल इन सब के बीच शाह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. आपको बता दें कि मोदी के पीएम बनने के बाद अमित शाह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था, जिसके बाद से पार्टी का ज़बरदस्त विस्तार हुआ और कई राज्यों में पार्टी सत्ता में आई लेकिन इन पांच राज्यों में पार्टी की बुरी हार के बाद अब शाह के नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मांग की जा रही है कि अब शाह की जगह मध्य प्रदेश से पार्टी लाडले मामा जी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस पद की जिम्मदारी सौंप देनी चाहिए. फिलहाल पार्टी के भीतर के धड़े ने यह आवाज़ उठाई है. लेकिन फिर बाद में इस चर्चा को विरामदे दिया गया है. बता दे संघ प्रिय गौतम ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हटाकर शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग भी कर डाली है।

गौतम ने कहा, मोदी और शाह की टीम को इन पांच राज्यों में हार की जिम्मेदारी लेने से नहीं हिचकिचाना चाहिए। इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा ने भी कई चुनाव हारे है एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा था चुनावी शिकस्त के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

वही गौतम ने कहा एक बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे लाल कृष्ण अडवानी जब अपनी पाकिस्तान यात्रा पर गए और जब वापस लौटे थे तो जोशी ने उनसे भी इस्तीफे कीमांग कर दी थी, जिसके बाद से ही उन्हें पार्टी के भीतर साइड लाइन कर दिया गया. लेकिन अब उनके समर्थक एक बार फिर से सक्रीय नज़र आ रहे हैं और पार्टी हाई कमान के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।

आप को बता दें कि इन राज्यों में हार की ज़िम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है. हालाँकि पीएम ने जनादेश का सम्मान और स्वागत किया है।