नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अमित शाह पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी कहा- ये कैसी ‘चाणक्य नीति’ है क्या मुसलमा’न…

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून पर जारी विवा’द के बीच आल इंडिया मजलिस-ए-इ्त्तेहादुल मुस्लि’मीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने एक बार फिर गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में मुसलमा’नों की बराबर की भागीदारी रही है। मुसलमा’नों ने मुल्क की आजादी में बलिदान दिया है। मुसलमा’न इस मुल्क से मुहब्बत करता हैं। 17 करोड़ मुसलमा’नों ने जिन्ना के पैगाम को ठुकराया था और हिन्दुस्तान में रहने पर सहमति जताई थी। लेकिन भाजपा मुसलमा’नों की वफादारी पर अंगुली उठा रही है।

ओवैसी ने ट्वीट करते हुए कहा की यह कैसी चा’णक्य नीति है अमित शाह जी, कि हमारा प्रिय पड़ोसी ही हमें जीडीपी और जीवन स्तर के बारे में बता रहा है, जबकि आप देश को खोखला करने के बारे में सोच रहे हैं। ओवैसी यहीं नहीं रुके. उन्होंने अपने ट्वीट में अमित शाह को टैग करते हुए लिखा, आपको एक सेल्फ हेल्प बुक लिखनी चाहिए कि किस तरह किसी से ‘दोस्ती खत्म की जाए और अपना प्रभाव भी गंवा दिया जाए।

मुसलमा’नो के अरमानों को कुच’ल नया भारत बनाना चाहते हैं शाह: ओवैसी

आपको बता दें कि (AIMIM) चीफ असदुद्दीन औवेसी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने नागरिकता कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। औवेसी ने ट्वीट किया, मैंने (CAA) के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। और हम भारत के बहुलवादी, ध’र्मनिरपे’क्ष सं’वैधा’निक लोकतं’त्र को बनाए रखने के लिए लड़ाई लड़ेगी. यह लड़ाई हर संभव मंच और हमारे पास मौजूद हर सं’वैधा’निक ह’थि’या’र का उपयोग कर लड़ी जाएगी।

ओवैसी ने कहा कि भाजपा की सरकार गलत कानून बनाने जा रही है। मोदी सरकार सिटीजन बिल पास कर मुल्क से मुसलमा’नों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहती है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान के हिंदु’ओं को इस कानून के जरिए भारत में जमीन देगी। पीएम मोदी तीन तलाक कानून लाए, इससे कौन सा इंसाफ मिल गया। झारखंड में तबरेज और अलीमुद्दीन मॉब लिं’चिं’ग के शिकार हुए हैं। उनके परिवार काे क्या मिला?

आपको बता दें इससे पहले औवेसी ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर केन्द्र सरकार निशाना साधते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य मुसलमा’नों को राष्ट्रविहीन बनाना है और इससे एक और विभाजन होगा।

लोकसभा में औवेसी ने राष्ट्रपिता गांधी का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्हें महात्मा इसलिये कहा गया क्योंकि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भेदभावपूर्ण नागरिकता कार्ड फाड़ा था। इसके बाद हैदराबाद से सांसद औवेसी ने विरोधस्वरूप विधेयक की प्रति फाड़ दी थी।