ट्विटर पर छाय असादुद्दीन ओवैसी, No. 1 पर ट्रेंड हुआ ‘I Am Asad Owaisi’

आज के बिकाऊ मीडिया के दौर में सिर्फ एक सोशल नेटवर्किंग ही एक ऐसा जरिया है, जिससे आम आदमी अपनी बात रख सकता है. वह अपनी आवाज़ को इसके माध्यम से ऊंची उठा सकता है. किसी तक भी अपनी बात पहुंचा सकता है. क्या सच है, क्या झूठ है इसको दिखा सकता है.

अभी हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी ने, राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के फैसले पर अपने कुछ तथ्य रखे थे. जो शायद बहुसंख्यकवाद सिस्टम से ग्रस्त लोगों को नागवार गुज़रा. असदुद्दीन ओवैसी के बोलने का इंतज़ार तो इस देश की बिकाऊ मीडिया भी बड़ी बेसब्री से करती है.

Asaduddin Owaisi No 1 on Twitter

कब असदुद्दीन ओवैसी के मुंह से कोई ऐसी बात निकले, जिसके बाद वह ओवैसी और देश के मुसलमानों को पानी पी पी कर गरियाना चालू कर दें. बाबरी मस्जिद के फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान देने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने की मांग उठी थी.

यहाँ तक की कुछ शरारती तत्व और भाड़े के आईटी सेल वालों ने ट्विटर पर ओवैसी के खिलाफ ट्रेंड चला दिया था. ये ट्रेंड था ‘गिरफ्तार करो ओवैसी को’ सोशल मीडिया से लेकर झोलाछाप नेताओं तक सबके मुहं से बस एक ही बात निकल रही थी की ओवैसी को गिरफ्तार किया जाय.

ट्विटर पर असदुद्दीन ओवैसी के विरो’ध में चले जा रहे ट्रेंड ‘गिरफ्तार करो ओवैसी को’ लेकर देश के अल्पसंख्यक समुदाय ने भी ओवैसी के सपोर्ट में हैशटैग चलाया ‘I Am Asad Owaisi’ और ये देखते ही देखते देश के सबसे बड़े सोशल प्लेटफार्म ट्विटर पर नंबर 1 पर रैंक कर रहा है.

ऐसा कई बार हुआ है जब जब असदुद्दीन ओवैसी किसी मुद्दे पर बोलते हैं, खासकर मुस्लि’मों से जुड़ा हुआ मुद्दा होता है तब. शरारती तत्व एक्टिव हो जाते हैं, और उन्हें फेसबुक या ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट पर ट्रोल करने लग जाते हैं.

लेकिन उनके आलोचक यह भूल जाते हैं, कि उनकी तादाद मुट्ठी भर है, और असदुद्दीन ओवैसी को इस देश में चाहने वाले लोगों की तादाद उनसे कई-कई गुना ज्यादा है. अगर आप भी असदुद्दीन ओवैसी को सपोर्ट करते हैं, तो इस पोस्ट को शेयर कर उनके समर्थन में अपना मत रखें. और ट्विटर पर जो ट्रेंड चल रहा है वह देखने में भी बड़ा मजेदार है, क्योंकि हर मिनट में Tweets की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है.