Babri Masjid: बफ्फ बोर्ड का बड़ा फैसला, दावा छोड़ने के लिए अदालत में रखी ये 3 शर्तें

देश के सुप्रीम कोर्ट में चल रहे बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि के मुकदमे की सुनवाई कल शाम 5 बजे तक खतम हो चुकी है| इस मुद्दे को लेकर देश भर से बड़े बड़े नेताओं के बयान आ रहे हैं, साथ ही राज्य में भी विवादपूर्ण स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है जिसके चलते सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहेली और त्योहारों का माहौल देखते हुए धारा 144 लागू कर इलाक़े को हाई अल’र्ट पर रख दिया है| वहीँ दूसरी ओर कल 40वें दिन की सुनवाई पूरी होने के बाद मध्यस्थता पैनल ने अपनी फाइनल रिपोर्ट 5 जजों की बेंच को जमा कर दी है।

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक़ इस रिपोर्ट में समझौते को लेकर अहम बातों का जिक्र था जिसमे समझौते का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा रखा गया था लेकिन, इस प्रस्ताव में सरकार के आगे तीन ऐसी शर्तें रखी गई है जिससे देश के अन्य मुस्ल’मा’नों को इस समझौते पर एतराज न हो।

आपको बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने समझौते के प्रस्ताव में यह शर्ते राखी गयीं थी जिनमे पहेली शर्त यूपी सरकार अव’स्था में पड़ी 22 मस्जिदों का पुनर्निर्माण कराए, दूसरी शर्त यह थी कि 1991 के धार्मि’क उपासना अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए, सबसे बड़ी और आखिरी शर्त यह थी कि मुस’लमा’नों को केंद्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तहत सभी मस्जि’दों का उपयोग करने की इज़ाज़त दी जाए।

बता दें कि बुधवार को अदालत ने फैसले को सुरक्षित कर रख लिया और कहा कि आवेदनों में बदलाव पर पक्षकारों से लिखित में तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। वहीँ दूसरी ओर उम्मीद है कि ये फैसला 17 नवम्बर से पहले आ जाएगा क्योंकि सीजेआई 17 नवम्बर को रिटायर हो रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि सुनवाई पूरी होने के साथ सुरक्षा बलों की सरगर्मी भी तेज हो गई है। हाईवे से लेकर सरयू नदी के पुल और शहर के आंतरि’क मार्गों से लेकर रामकोट तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवानों को तैनात कर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।

साथ ही पुलिस प्रशासन ने नब्बे के दशक में चरम पर रहे मंदिर आन्दोलन के दौरान कारसे’वकों की भी’ड़ को रोकने के लिए बनाई गई सभी सुरक्षा चौकियों को पुनर्जीवित कर दिया है।

साभारः #NavBhaaratTimes

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