6 दिसंबर: कल बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी, अयोध्या सहित देश भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कई दशकों पुराने अयोध्या विवा’दित ज़मीन मामले पर बीते नौ नवंबर को देश की सबसे बड़ी अदालत के चीफ जस्टिस रंजन गगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के पांच जजों ने एकमत से फैसला सुनते हुए विवा’दित भूमि पर राम मंदिर बनाने का आदेश देते हुए तीन महीने के अंदर एक ट्रस्ट बनाया जाएगा, जो मंदिर बनाने के तौर-तरीके तय करेगी। और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमा’नों को अयोध्या में ही कही दूसरी जगह मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।

आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की बेंच का फ़ैसला मंदिर के पक्ष में तो सुनाया लेकिन साथ में यह भी कहा कि बाबरी मस्जिद तोड़ना एक अवैध कृत्य था। बता दें राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद का यह विवा’द कई दशकों पुराना है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस पर साल 2010 में फैसला सुनाया था. बाद में इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिनों की मैराथन सुनवाई की थी।

6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी, देश भर में बढ़ाई गई सुरक्षा

6 दिसम्बर यानि कल वो तारीख है जब अयोध्या में विवा’दित ढांचा गिराया गया था, उजिसके बाद देशभर में जमकर बवाल हुआ, दं#गे हुए और काफी नुकसान हुआ। जिसके बाद से ही हर साल 6 दिसम्बर की तारीख को विवा’दित ढांचे की बरसी के रुप में मनाया जाता है। लेकिन पिछले दिनों अयोध्या पर फैसला आने के बाद अब छह दिसम्बर का दिन और भी ज्यादा परेशानी वाली हो सकता है।

दरअसल अयोध्या पर फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश सहित देशभर की पुलिस हाई अलर्ट मोड पर है। पुरे यूपी के साथ खासतौर पर अयोध्या के आसपास तो इतनी पुलिस को तैनात किया गया है कि एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। क्योकि कल छह दिसंबर है और बाबरी विध्वंस को लेकर अयोध्या सहित प्रदेश के कई हिस्सों में सार्वजनिक कार्यक्रम किये जाते है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं राज्य में धारा 144 का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

6 दिसंबर तक कड़ी रहेगी सुरक्षा व्यवस्था

हलाकि राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद बाबरी विध्वंस की यह पहली बरसी है। और विश्व हिंदू परिषद इस बार विजय दिवस नहीं मनाएगा। दरअसल इस दिन 27 साल पहले अयोध्या में विवा’दित ढांचे को हटा दिया गया था। उसके बाद से हर साल छह दिसम्बर को पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहता है।

वही अयोध्या फैसले से पहले ही सोशल मीडिया पर भी प्रदेश पुलिस की पूरी नजर बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भडक़ा’उ बयान और टिप्पणी करने वालों की खैर नहीं है। अयोध्या पर फैसले के दिन भी पुलिस ने प्रदेश भर से करीब एक दर्जन से भी ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। फैसले के बाद इन्होनें सोशल मीडिया पर भड़का’ऊ बयान और टिप्पणी की थी।

अब प्रदेश पुलिस ने मुख्यालय से प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी तरह से सतर्क रहे, सोशल मीडिया पर भी ध्यान दें ओर किसी भी तरह की नारेबाजी और बयानों को करने वालों को तुरंत अंदर किया जाये। वही राज्य में अब डीजे बजाने से पहले प्रशासन से अनुमति लेने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।