VIDEO: कांग्रेस चाहती तो 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ना गिरती, मणिशंकर अय्यर

नई दिल्‍ली: अयोध्या मामला सुप्रीम कोर्ट में है और 10 जनवरी को इस पर सुनवाई होगी, लेकिन इस मुद्दे पर सियासत जमकर जारी है. इसी कड़ी में दिल्ली में एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम से हुए कार्यक्रम में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बाबरी मस्जिद को गिराना संविधान की ह$त्या करार दिया है कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि कांग्रेस चाहती तो 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ना गिरती।

मणिशंकर अय्यर ने बाबरी मस्जिद को गिराए जाने को लेकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि उस वक़्त केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, अगर वो चाहती तो 6 दिसंबर 1992 में जो शर्मनाक वाकया हुआ उससे बुरा औऱ क्या हो सकता था? दिल्ली के ग़ालिब इंस्टीट्यूट में इस कार्यक्रम का आयोजन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) ने किया था जिसमें कई मशहूर शायर और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव भी मौजूद थे।

अय्यर ने महात्मा ग़ांधी की शहादत और बाबरी मस्जिद के गिरने को एक जैसा ही बताते हुए कहा कि क्या मुसलमान इस देश में सुरक्षित रह सकते हैं? मणिशंकर अय्यर ने ये भी कहा कि आप मंदिर बनाये हम खिलाफ नहीं, लेकिन आप ये कैसे कह सकते है कि मंदिर वहीं बनाएंगे। जबकि राजा दशरथ के महल में 10 हज़ार कमरे थे, किसको पता राम जी किस कमरे में पैदा हुए है।

अय्यर ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 जिस दिन बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया, वह इस देश का पतन था। उस दिन को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा, मैं कांग्रेस से हूं और हमने गलती की। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने सही समय पर सही कदम नहीं उठाए जिसकी वजह से यह गलती हुई।

कांग्रेस नेता ने इससे पहले कहा था कि राव के हिंदुत्ववादी मानसिकता ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मस्जिद तोड़कर भारत को विभाजित करने की दूसरी कोशिश की गई। बाबरी मस्जिद के टूटने से हिंदू-मुस्लिम एकता टूट गई।