मंदी और महंगाई की मार के बीच मोदी सरकार के लिए बुरी खबर, SBI ने गिरती GDP को लेकर दी चेतावनी

नई दिल्ली: देश में मंदी और महंगाई की मार के बीच मोदी सरकार के लिए एक और बुरी खबर आ रही है। भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमे मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 4.2 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है।

आपको बता दें भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक शोध विभाग की रिपोर्ट एकोरैप में इसकी जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020-21 में इसमें बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस दौरान जीडीपी दर 6.2 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक जीडीपी कम रहने के लिए ऑटोमोबाइल की बिक्री, एविएशन सेक्टर में मंदी और औद्योगिक उत्पादन में गिरवाट व निर्माण और बुनियादी ढांचे के निवेश में गिरावट इसकी मुख्य वजह बनी है। पूर्व में आर्थिक वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गई थी। बता दें कि भारत की जीडीपी दर 6 साल के सबसे निचले स्तर पर है।

वही एकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक समग्र अग्रणी संकेतक के आधार दूसरी तिमाही में जीडीपी दर 5 प्रतिशत से घटकर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच सकती है। इसके पीछे ऑटोमोबाइल औद्योगिक, निर्माण और बुनियादी ढांचे में सुस्ती मुख्य वजह है। नतीजन भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर से गुजर रही है।

आपको बता दें इस साल की शुरुआत में अधिकांश जीडीपी दर को 7.5 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान जताया जा रहा था। वहीं बजट पेश करने से पहले सरकार भी मान रही थी कि यह दर 8 प्रतिशत के आसपास दर्ज की जा सकती है। लेकिन सभी अनुमान के उल्ट जो आंकड़े सामने आए वह सरकार के लिए चिंता का विषय बन गए।

साभार: आजतक