बड़ी खबर: दारुल उलूम देवबंद ने तब्लीगी जमात की सभी गतिविधियों पर लगाई पाबंदी

सहारनपुर: दिल्ली में स्थित हजरत निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी को लेकर दारुल उलूम की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बयान जारी कर संस्था के भीतर तब्लीगी जमात की किसी भी प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इतना ही नहीं मोहतमिम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि दोनों जमातों से दारुल उलूम के जिम्मेदारों का कोई ताल्लुक नहीं है। अगर कोई छात्र जमात की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी पर आरोप है।

कि वह बड़े बड़े इज्तमा में शामिल होकर दीन इस्लाम की गलत व्याख्या कर कौम को भटकाने का काम कर रहे हैं। लगातार शिकायतें मिलने के बाद दारुल उलूम ने मौलाना साद को कई बार अपनी हरकतों से बाज आने को कहा, लेकिन उसके बावजूद मौलाना साद गलत बयानबाजी कर रहे हैं। गलत बयानबाजी को लेकर दारुल उलूम लगातार मौलाना साद से बेहद नाराज चल रहा है।

नाराजगी किस हद तक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बयान जारी कर कहा कि तब्लीगी जमात के आपसी विवाद से दारुल उलूम को बचाने के लिए संस्था के जिम्मेदारों ने पहले से यह तय किया हुआ है कि दारुल उलूम का हर जिम्मेदार और हर छात्र का दोनों जमातों से कोई ताल्लुक नहीं है। पूर्व में तब्लीगी जमात की संस्था के भीतर सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

उन्होंने कहा कि छात्रों को चाहिए कि वह दारुल उलूम के भीतर या बाहर जमात की गतिविधियों में शामिल होने से परहेज करें। चेतावनी दी कि अगर कोई छात्र आदेश की अनदेखी कर तब्लीगी जमात की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इतना ही नहीं मौलाना बनारसी ने संस्था के कर्मचारियों और छात्रों से यह भी कहा कि वह तब्लीगी जमात की कोई गतिविधि संस्था के भीतर न हो इस पर पैनी नजर रखें और ऐसे कोई गतिविधि देखी जाती है तो उसकी जानकारी तुरंत जिम्मेदारों को दें।