सालों से बंद पड़ी मस्जिद का ताला हिन्दुओं ने खुलवाया, फिर से सुनाई दी ‘अज़ान’ की आवाज़

गुजरात: हमारे देश में अक्सर आपने मस्जिद की अज़ान और मस्जिद के निर्माण को लेकर कई तरह की मुसलमानों के खिलाफ ज़हर उगलती ख़बरें पढ़ने और सुनने को मिली होंगी| लेकिन कुछ नफरत करने वाले लोगों के मुहं पर कुछ गैर मुस्लिम भाइयों ने एक जबरजस्त तमाचा मारा है| गुजरात के गैर मुस्लिम भाइयों ने पिछले कई सालों से बंद पड़ी एक मस्जिद को न केवल आबाद करवाने में मदद की यहाँ तक की वे तब रुके जब तक उसमे एक बार नमाज़ न हो गयी| इन्होने दिखा दिया है की नफरत मोहब्बत के आगे कुछ भी नहीं है|

अहमदाबाद में कालूपुर इलाके में स्थित मस्जिद का ताला हिन्दुओं ने खुलवाया। मार्च 2016 में इस मस्जिद से 30 वर्षों बाद ये पवित्र आवाजें सुनाई दीं। ये मस्जिद तकरीबन 100 साल पुरानी है। हिंदू आबादी में बनी हुई है। इस मस्जिद के पास भगवान् राम और हनुमान के मंदिर बने हुए हैं।

बात दें कि साल 1984 में कालूपुर में भड़के सांप्रदायिक दंगे में कई हिन्दू और मुस्लिम लोगों का खून बहा था और साल 1993 के बाबरी मस्जिद संहार के बाद भड़के फसाद के बाद माहौल और खराब हो गया था। लेकिन साल 2002 के दंगों के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बंद हो चुकी मस्जिद को फिर से खोलने के लिए कदम उठाया।

जिसमें भाइचारे की भावना दिखाते हुए हिंदू लोगों ने भी उनका साथ दिया और मस्जिद की सफाई कर उसकी रिपेयर का काम शुरू करवा दिया। इन सभी की मेहनत रंग लाई और पिछले साल मार्च में ये मस्जिद दोबारा खुल गई। इस मस्जिद को खुले अगले महीने एक साल होने वाला है। इस मस्जिद की चाबी एक हिन्दू के पास रहती है।

इस पर इलाके के लोगों का कहना है कि इस मस्जिद के पुनर्निर्माण से दोनों धर्मो के बीच के रिश्ते को और भी मजबूत कर दिया है। हमारे हिन्दू भाईयों द्वारा की गई इस मदद के लिए हम उनके बहुत शुक्र गुजार है और बहुत खुश है कि 30 सालों से बंद पड़ी मस्जिद अब खुल गई है।

उनके साथ से ही मस्जिद का दुबारा खुलना मुमकिन हो पाया। इससे पहले हमें नमाज अदा करने के लिए हमें किसी दूसरी मस्जिद में जाना पड़ता था। लोगों ने प्यार-भाव दिखाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि समाज में पड़ी एक दरार की बेहद प्यार से मरम्मत की गई हो।