महंत vs फकीर की लड़ाई में जीते मुस्लिम धर्म गुरु, नही चला सीएम योगी का भगवा जादू

आगरा: हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जिसमे राजस्थान में एक सीट ऐसी रही जिस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठी दांव पर लगी थी। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री योगी ने इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झौक दी थी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS ) औऱ भाजपा की टॉप लीडरशिप द्वारा इस सीट पर योगी के ‘स्टारडम’ की परीक्षा के तौर देखा जा रहा था। इसकी सबसे बड़ी वजह है इस सीट पर महंत वर्सेज फकीर की लड़ाई थी। और इस सीट की सबसे बड़ी बात की मुसलमानो के बाद सबसे ज्यादा वोट राजपूतों के हैंं।

इन्हीं दोनों काराणों से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहां एक रात प्रवास भी किया और दूसरे दिन विशाल जनसभा को संबोधित किया था। ब्रज से भी महाराण प्रताप सेना के अध्यक्ष क्षत्रिय नेता मुनेंद्र जादौन, विजेद्र सिंह इस सीट पर भाजपा के पक्ष में प्रचार के लिए पहुंचे थे। लेकिन जब यहाँ के नतीजे आये वह योगी आदित्यनाथ को धक्का देने वाले हैं। न ही उनका भगवा जादू चला न ही राजपूत कार्ड।

आप को बता दें कि राजस्थान के बाड़मेर की पोकरण विधानसभा सीट परमाणु परीक्षण के कारण देश भर में शक्तिपीठ के तौर पर पहचानी जाती है.यहां भाजपा ने भगवा कार्ड खेलते हुए बाड़मेर तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी महाराज को प्रत्याशी बनाया तो कांग्रेस ने मुस्लिमों के धर्म गुरु गाजी फकीर के बेटे सालेह मोहम्मद को मैदान में उतारा.इसके बाद मुकाबला महंत vs फकीर की लड़ाई में बदल गई।

इस सीट पर राजपूत मतदाताओं की संख्या 50 हजार तो वहीं मुस्लिम मतदाओं की संंख्या 54 हजार है. चूंकि तारातरा मठ की भी मजबूत पकड़ है.यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस सीट पर प्रचार किया.वह एक रात रुके साथ ही राहुल गांधी की सभा के तुरंत बाद 26 नवंबर को शाम चार बजे उन्होंने एक बड़ी सभा संबोधित किया।

लेकिन फिलहाल आ रही खबरों के मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी मुस्लिम धर्मगुरु गाजी फकीर के बेटे सालेह मोहम्मद ने जीत दर्ज की।