जनहित के लिए 1.45 लाख करोड़ रु दे चुके अजीम प्रेमजी बोले, पैसा लोगों की भलाई पर खर्च हो

जनहित के लिए 1.45 लाख करोड़ रु दे चुके अजीम प्रेमजी बोले, पैसा लोगों की भलाई पर खर्च हो

विप्रो कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन ‘अजीम प्रेमजी’ ने, बीते गुरुवार को एक लेक्चर देते हुए अपने कुछ अनुभवों को साझा किया. उन्होंने बताया कि मानवता से प्रेम और परोपकार करना आपके जीवन में कितना महत्व रखता है. अजीम प्रेमजी बताते हैं, कि मैंने अपनी मां से और महात्मा गांधी से जीवन के बारे में काफी कुछ सीखा है. इनसे प्रेरणा ली है. मैंने उनसे सीखा कि अपनी संपत्ति को किस तरह से इस्तेमाल करना चाहिए.

मेरी माँ एक बड़े हॉस्पिटल की डॉक्टर थीं. इसके अलावा वे 78 साल तक हॉस्पिटल की चेयर पर्सन भी रहीं. अजीम प्रेमजी बताते हैं, जो लोग बहुत ज्यादा अमीर हैं उन्हें अपनी प्रॉपर्टी का एक पर्याप्त हिस्सा दूसरे लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल करना चाहिए.

Ajeem Premji Bharat Ke Bil Gates

मैंने अपनी जिंदगी में महसूस किया है, दूसरों पर परोपकार करना कारोबार करने की तुलना में ज़्यादा कठिन है. अपने कारोबारी जीवन में मैंने कई बातें सीखीं और कई बातें लोगों को भी सिखायीं.

दोस्तों विप्रो कंपनी को एक ग्लोबल आईटी कंपनी बनाने और भारत का नाम दुनिया भर में एक सॉफ्टवेयर कंट्री के रूप में पहचान दिलाने वाले ‘अजीम प्रेमजी’ को मद्रास मैनेजमेंट एसोसिएशन की और से ‘अमलगेशंस बिजनेस लीडरशिप’ का अवार्ड दिया गया था.

अजीम प्रेमजी को जनहित में बहुत ज़्यादा बड़ी निजी संपत्ति दान करने की वजह से, इनको ‘भारत का बिल गेट्स’ कहा जाता है. बीते मार्च में ही उन्होंने विप्रो कंपनी के अपने हिस्से के 52750 करोड रुपए के शेयर दान करने का फैसला किया था.

ये “अजीम प्रेमजी फाउंडेशन” भी चलाते हैं, जिसके जरिए दान का पैसा जनहित में भलाई के कामों में खर्च किया जाता है. आपको बता दें कि अजीम प्रेमजी 53 साल तक विप्रो कंपनी का नेतृत्व करने के बाद, 30 जुलाई को चेयरमैन पद से रिटायर हो गए.

अब अज़ीम अपनी बाकी की जिंदगी, अपने लिए और दूसरों की भलाई के लिए सुकून से काटना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने कारोबार की दुनिया से अपने आपको अलग रखने का फैसला किया.

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