मॉब लिंचिं’ग के शिकार लोगों के लिए इस राज्य सरकार का बड़ा एलान, अब पीड़ि’तों को दिया जायेगा

छत्तीसगढ़ सरकार मॉ0ब लिंचिं’ग यानी की उन्मादी भीड़ द्वारा हिं’सा का शिकार हुए पीड़ि’तों को मुआवजा देगी। इसके लिए सरकार ने 2011 में बने पी’ड़ित क्षतिपूर्ति कानून में किया है। इस तरह की घ’टना में जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकार तीन लाख स्र्पये की सहायता देगी। बता दें पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने उन्मादी भी’ड़ की हिं’सा रोकने के लिए देशभर के राज्यों को क़ानूनी कार्रवाइयों के अलावा मुआवज़ा संबंधी नीति बनाने का निर्देश जारी किया था। इसी के आदेश को लागु करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार हिं’ सा का शि’कार हुए पीड़ि’तों को मुआवजा देगी।

राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहु ने बीबीसी से कहा की आम तौर पर देखा गया है की जिनकी कोई गलती नहीं होती ऐसे लोग उ’न्मादी भी’ड़ की हिं@सा के शि’कार हो जाते हैं. जिसके बाद उनका परिवार बदहाल हो जाता है। कई पीड़ित परिवार ऐसे है जिनके घर का मुख्य सदस्य हिं’सक भी’ड़ का शि’कार हुआ और इसके बाद परिवार बदहाल हो गया ऐसे लोगों को हमारी सरकार ने राहत देने की कोशिश की है।

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राज्य सरकार ने गृह विभाग के अफसरों के पीड़ितों को अधिकतम तीन लाख से 25 हजार रूपये तक का मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। मानसिक पी’ड़ा शैक्षणिक अवसर और जीविका चलाने के लिए, क्ष’ति पर भी मुआवजा मिलेगा। नियमानुसार घ’टना के 30 दिन के भीतर पीड़ि’त परिवार को 25 फीसद अंतरिम राहत राशि दी जाएगी।

वही राज्य सरकार ने एक संवेद’नशील शुरूआत की है आने वाले दिनों में इस क़ानून से जुड़े दूसरे सभी पहलू पर समय समय पर विचार किया जाएगा और इसकी योजना बनाकर इसे लागु किया जायेगा साहु ने कहा अगर ज़रूरी हुआ तो राज्य सरकार उन पुराने मामलों की भी समीक्षा करेगी, जिसमें लोग उ’न्मादी हिं’सा के शि’कार हुए हैं।

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गृहमंत्री ताम्रध्वज साहु ने कहा की हमारी साफ़ राय है कि एक सभ्य समाज में इस तरह की हिं’सा के लिए कोई भी जगह नहीं होनी चाहिए वही इस संशोधन के लागु करने पर गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि बिहार झारखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में भी इस तरह के मामलों में नये क़ानून लागू किए गए हैं लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने चोट के अनुसार मुआवज़ा की राशि तय की है।

इसके अलावा पीड़ि’त के अवयस्क नाबालिग होने की स्थिति में 50 फीसद अतिरिक्त राहत राशि दी जाएगी। अफसरों ने बताया कि पीड़ि’त के 80 फीसद दिव्यां’ग होने की स्थिति दो लाख स्र्पये का मुआवजा दिया जाएगा। यदि वह अव्यस्क है तो यह राशि तीन लाख रूपए हो जाएगी।

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राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहु ने कहा की इस तरह की हिं’सा में घायल व्यक्ति का राज्य सरकार अपने ख़र्च पर अस्पताल में इलाज करवाएगी. राज्य के कई हिस्सों से बच्चा चोरी और GO-त’स्क री के नाम पर भी’ड़ द्वारा हिं@सा की कई घ’टनायें सामने आती रही हैं।

जीवन क्षति 3 लाख

80 फीसद या उससे अधिक दिव्यांगता- 2 लाख रूपए 40 से 80 फीसद तक दि’व्यां’गता को 1 लाख रूपए 40 फीसद से कम दि’व्यां’गता 50 हजार रूपए मा’नसि’क पीड़ा 25 हजार पी’ड़ित का पुनर्वास 1 लाख रूपए शैक्षणिक अवसरों की क्षति 50 हजार रूपए जीविकोपार्जन के साधनों की क्षति मूल्यांकन के आधार पर।

आपराधिक घटनाओं एक लाख का मुआवजा

आ’परा’धिक घ’टनाओं के पीड़ि’तों को मुआवजा देने का नियम पहले से है। ऐसी घ’टनाओं में जान जाने पर एक लाख रूपए दिया जाता है। वही ए’सीड अटै’क पी’ड़ित को 50 हजार, ब@ला त्कार पीड़ि’ता को 25 से 50 हजार रूपए तक मुआवजा देने का नियम है।