GST घोटाला उजागर करने वाले DETC क बड़ा बयान बोले- मेरे खिला’फ रचा…

भारत में हो रहे भ्रष्टाचा’र को रोकने और भ्रष्टा’चारि’यों का असली चेहरा जनता के सामने लाने वाले DETC आज खुद ही मुश्किल में फसे पड़े हैं| जैसा की हम जानते हैं कि भ्रष्टाचा’रों के आरोपों का सामना कर रहे फतेहाबाद के डीईटीसी वीके शास्त्री हाईकोर्ट से जमानत पर छूट गए हैं| कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज मीडिया के सामने उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके काम से परेशान होकर कर चोरी करने वाले लोग उन्हें परेशान करने में लगे है| उन्होंने कहा कि फर्जी कंपंनियां बना कर हजारों रुपए के कर चोरी करने वाले गिरोह का मैंने पर्दाफाश किया और मास्टर माइंड तक पहुंचे|

साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी और वैट घोटालों को भी उन्होंने उजागर कर सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपए के नुकसान होने से बचाया| इतना ही नहीं पुराने चले आ रहे कर की रिकवरी कर सरकारी खजाने में जमा करवाया| इन सब से परेशान होकर कर चोरों के गिरोह और उन्हें मदद करने वाले कुछ लोगों द्वारा मेरे खिला’फ यह षडय़ं’त्र रचा गया था|

वहीँ दूसरी ओर उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से विजीलेंस ने देर रात उनके घर और कार्यालय में दबिश देकर उन्हें पकडऩे का प्रयास किया, उससे न केवल काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल पर चोट पहुंची बल्कि कर चोरों के हौंसले भी बुलं’द हुए हैं|

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में ही नहीं बल्कि कई राज्यों में फर्जी कंपंनि’यां बना कर इनपुट लेने वालों के काले कारनामों को मैंने ट्रेस किया| इसके बाद उन्होंने बताया कि उन्हें कानून और न्यायालय पर पूरा विश्वास है उनके साथ न्याय जरूर होगा|

साथ ही उन्होंने कहा कि कर एसेसमें’ट में अगर कोई कमी रह जाती है तो उसे रिएसेस किया जा सकता है फाइल दोबारा खोली जा सकती है, मगर बड़े ही दुख की बात है कि उनके ही मामले में केस दर्ज करवा दिया गया| इसी के चलते उन्होंने विजीलेंस के अधिकारियों पर गंभी’र आरोप लगाते हुए कहा कि विजीलेंस के कुछ अधिकारियों ने मामले में बाहर निकालने के लिए लाखों रुपए तक की मांग की है, समय आने पर पूरे सबूत वे खुद सामने रखेंगे|

इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने 90 ऐसी फर्मों का फर्जीवाडा उजागर किया जिन्होंने पूरे प्रदेश में अपना जाल बिछाकर 7 हजार करोड़ रुपए से अधिक की बिलिंग की और 660 करोड़ का चूना विभाग को लगाया है| इस मामले को सबसे पहले उन्होंने उजागर किया और उन्होंने ही विभाग के उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करवाया था|

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पॉलिसी में यह बताया गया है कि जो अधिकारी राज्य के हित में काम कर रहा है तो उसके खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकती है| उन्होंने कहा वे लगातार राज्य के राजस्व को सिक्योर करने का काम कर रहे हैं फिर भी उन्हें ऐसी प्रताडऩा से गुजरना पड़ रहा है|

उन्होंने सवाल किया है कि अगर वे किसी प्रकार के भ्र’ष्टाचा’र में लिप्त हैं तो उनके खिला’फ भ्र’ष्टाचा’र निरोध’क अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है| जानकारी के लिए बतां दे कि रोहतक पोस्टिं’ग के दौरान कर भुगतान में एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के उन पर गंभी’र आरोप लगे थे, जिसकी जांच स्टेट विजीलें’स कर रही है|

साभारः #News18InHindi