VIDEO: यूपी पुलिस पर घरो में घुसकर तोड़फो’ड़ करने का आरोप, पड़ोसियों ने कहा- मुस्लि’म महिलाओं व बच्चों से…

CAA Protest: नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे है। यूपी के लखनऊ, गोरखपुर से लेकर बुलंदशहर तक कई शहरों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई, और इन झड़पो के चलते उत्तर प्रदेश में अब तक 15 लोगो की मौ’त हो चुकी है। आपको बता दें पश्चिमी यूपी के बिजनौर जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर दिख रही है। बिजनौर जिले के नेहटौर इलाके में रहने वाले कई परिवारों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है।

 

यूपी के बिजनौर जिले के नेहटौर इलाके में रहने वाले कई लोगों का कहना है कि नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद उन्हें घर छोड़ कर भागने को मजबूर कर दिया है क्योकि यूपी पुलिस उनके गांवों में उपद्रव कर रही है। बता दें कि नागरिकता कानून को लेकर यहां बीते शुक्रवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस की फायरिं’ग में दो युवकों की मौ’त हो गई थी।

मोहम्मद अनस, पुलिस द्वारा कथित रूप से आत्मरक्षा में चलाई गो’ली से मा’रा गया

बिजनौर में हुए प्रदर्शन के बाद यूपी पुलिस का रुख सवालों के घेरे में है। हलाकि अभी बिजनौर शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है। ऐसे में नहटौर गांव के निवासियों ने आज तक के पत्रकार को बताया है कि पुलिस गांव में घरों में घुस कर तो’ड़फो’ड़ कर रही है। और मुस्लि’म महिलाओं और बच्चो को प्रताड़ित कर रही है पूछ रही है कि अपने घर के पुरुष का पता ठिकाना बताओ।

वही स्थानीय लोगों का आरोप है कि घट’ना के बाद आई पुलिस ने उनके घरों में जमकर तो’ड़फो’ड़ की महिलाओं को परेशान किया गया जबकि बच्चों को धम’कियां दी गईं। वही आज तक की टीम ने पड़ोसीयो से बात चित की तो उन्होंने बताया की 8-10 पुलिस वाले उनके परिवार के पुरुष सदस्यों के बारे में पूछते हुए आए थे उन लोगों ने हमें अपशब्द कहे, महिलाओं को परेशान किया और बच्चों को धम’की दी।

नाम न छापने की शर्त पर पड़ोसी ने कहा, पुलिस ने शुक्रवार को हुई हिं’सा से संबंधित एफआईआर में 3000 से अधिक अज्ञात लोगों के नाम है। 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। वही 60 लोगो को आरोपी बनाया गया है।

 

बिजनौर में हुए प्रदर्शन के बाद इस एरिया के कई घर खाली हो गए थे. उनके दरवाजों पर ताला पड़ा हुआ था। पड़ोसियों की बात मानें तो लोग घर छोड़कर जा चुके हैं। पुलिस के डर से सोचते हैं कि पुलिस वापस आएगी और उनका शोषण करेगी।

आपको बता दें बिजनौर में हुए प्रदर्शन के दौरान 21 वर्षीय अनस और 20 वर्षीय सुलेमान की मौ’त हो गई है. अनस के बारे में उनके पिता अरशद हुसैन ने बताया की अनस का कोई आ’परा’धिक रिकॉर्ड नहीं था।

वही परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें बिजनौर में अनस का अंतिम संस्कार नहीं करने दिया और पुलिस अनस की बॉ’डी को पोस्टमोर्टम के लिए दूसरे शहर ले गयी।