सब्सिडी नहीं फिर भी, पहली बार रिकॉर्ड संख्या में देश के मुस्लिम इस बार ‘हज यात्रा’ पर जा रहे हैं

देश की आजादी के बाद से पहली बार ऐसा अवसर आया है, जब सबसे ज्यादा मुस्लिम श्रद्धालु इस बार हज यात्रा पर जा रहे हैं. केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ये ऐलान करते हुये ख़ुशी ज़ाहिर की है. उन्होंने बताया की इस बार भारतीय मुसलमान सबसे बड़ी संख्या में जो की 1.75 लाख है, भारत के नागरिक हज यात्रा पर जा रहे हैं.

आपको बता दें की हाजियों का पहला जत्था 14 तारिख से रवाना होना शुरू हो चुका है. अब तक देश के मुसलमान भारत सरकार द्वारा दी जा रही अनुदान राशी पर हज के लिए जाते थे. लेकिन उस अनुदान राशि पर केवल मुसलमान लोगों का नाम था. वो सब्सिडी उनके पास न जाकर सीधा एयर इंडिया के खाते में जाती थी.

नकवी ने हज यात्रियों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बतया कि कुल 1,308 महिलाओं ने ‘मेहरम’ के बिना हज पर जाने के लिए आवेदन किया है. इन महिलाओं को लॉटरी सिस्टम से छूट दी गई है और इनको हज यात्रा पर जाने की इजाजत दी जाएगी.

मुख़्तार अब्बास नकवी ने कहा की इस वर्ष हज पर कुल 1,28,002 हाजी हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से जाएंगे. जिनमे से हैदराबाद से 7600, अहमदाबाद से 6700,बेंगलुरु से 5550, दिल्ली से 19000, जयपुर से 5500, औरंगाबाद से 350, भोपाल से 254, कोचीन से 11700, लखनऊ से 14500, चेन्नई से 4000, गया से 5140, नागपुर से 2800, गोवा से 450, कोलकाता से 11610, मंगलौर से 430, मुंबई से 14200, रांची से 2100, श्रीनगर से 8950, वाराणसी से 3250 और गुवाहाटी से 2950 हाजी जायेंगे.

नकवी ने बतया कि वह खुद इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे और सामान्य समय में अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा की कीमत एवं हज यात्रा के समय बढ़ी कीमत के आंकलन और ब्योरे के साथ मंत्रालय के अधिकारी एयरलाइन्स कंपनियों से बातचीत कर रहे थे, जिसके कारण ही इस वर्ष हज यात्रा की हवाई कीमत में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज हुई है.

नकवी ने कहा की हज प्रक्रिया को पारदर्शी एवं हाजियों के लिए सुलभ बनाने के हज प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन और डिजिटल किया गया है.