नागरिकता कानून के विरोध प्रदर्शन के बीच असम में बीजेपी सरकार का फरमान जारी, अगर सरकार के खिलाफ टिप्पणी की तो…

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के खिलाफ देश भर के अलग अलग राज्यों हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के असम के विधायक मृणाल सैकिया के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। मामला दर्ज कराने वाले समूह का कहना है कि वह इस कानून के समर्थकों को कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वालों को मा’रने के लिए उकसा रहे हैं।

बता दें, मृणाल सैकिया असम की खुमटिया सीट से विधायक का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह भाजपा कार्यकर्ताओं को एक के बदले 10 को मा’रने के लिए उकसा रहे हैं। वही वीडियो में मृणाल कहते हैं। हमारे कार्यकर्ताओं ने इन दिनों में बहुत कुछ सहा है। अगर कोई भी आपके घर को जला’ने आता है, तो आप उनके साथ भी ऐसा ही करें।

Guwahati: Protestors,

इन्ही सब के बीच असम में बीजेपी सरकार ने चेतावनी दी है। बता दें नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने सर्कुलर जारी कर चेतावनी दी है अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने सरकार के खिलाफ टिप्पणी की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें शिक्षा विभाग के निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी कर्मचारियों को यह सूचित किया जाता है कि असम सिविल सर्विस (आचरण) नियम, 1965 के नियम के तहत सरकारी कर्मचारी सरकार की आलोचना करने वाले तथ्य या राय का कोई बयान नहीं देगा।

अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकार की आलोचना करता हुआ पाया गया तो वह असम सिविल सर्विस (आचरण) 1965 के नियम 3 और 7 के उल्लंघन का दोषी माना जाएगा। ऐसे में असम के सभी सरकारी, प्रांतीय कॉलेजों के प्रिंसिपलों से अपील है कि वे नियमों का पालन करें।

गौरतलब है कि असम शिक्षा विभाग ने ऐसे समय में यह आदेश जारी किया है, जब राज्य में नागरिकता संशोधन कानून का जोरदार विरोध हो रहा है। और इस विरोध प्रदर्शनों मेंबड़ी तादात में शासकीय कर्मचारी भी शामिल हो रहे हैं।

वही लाखो सरकारी कर्मचारी एकजुट हो कर सड़क पर उतर आये है और केंद्र सरकार से यह मांग कर रहें है कि वह सीएए को वापस ले। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 18 दिसंबर को सरकारी कार्यों का बहिष्कार कर चुके हैं।