आतंकि’यों को फंडिंग करने वाली कंपनी से बीजेपी ने लिया इतने करोड़ो का चंदा: चुनाव आयोग को दिए डिटेल्स में खुलासा

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर एक ऐसी कंपनी से चंदा लेने के आरोप लगा हैं, बता दें जिसके खिलाफ आ’तंकि’यों को फंडिंग करने के मामले में (ईडी) की जांच चल रही है। बीजेपी ने उसी से 10 करोड़ का चंदा लिया है. इस का खुलासा चुनाव आयोग को दिए गए पार्टी के चुनावी डोनेशन से सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार पार्टी ने 2014-15 में आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स लिमिटेड से 10 करोड़ रुपये का चंदा लिया था।

वही इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, की बीजेपी नियमित तौर पर कई चुनावी ट्रस्टों से बड़ा चंदा लेती रही है. ये ट्रस्ट कई कॉरपोरेट घरानों से जुड़े हुए हैं. किसी भी अन्य कंपनी ने बीजेपी को इतनी धनराशि नहीं दी है, जितनी आरकेडब्ल्यू ने दी है। यह चंदा भारतीय जनता पार्टी को मुंबई में एक्सिस बैंक की बांद्रा ब्रांच के जरिये दिया गया था।

पार्टी की तरफ चुनाव आयोग को जो डोनेशन का विवरण दिया गया है उसमें आरकेडब्ल्यू का नाम चंदा देने वालों की सूची में 26वें स्थान पर है। इस सूची में सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट और प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट, जनता निर्वाचक इलेक्टोरल ट्रस्ट जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।

आ’तंकि’यों को फंडिंग करने वही आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स लिमिटेड कंपनी के पूर्व निदेशक रंजीत बिंद्रा को ईडी ने अंडरव’र्ल्ड की ओर से कथित तौर पर कई सौदे करने के लिए गिरफ्तार किया था. कई न्यूज रिपोर्ट्स में बिंद्रा को मिर्ची और फर्म्स के बीच दलाल भी बताया गया था, हालांकि, बीजेपी को मिले चंदे का विवाद महज आरकेडब्ल्यू तक ही सीमित नहीं है।

महाराष्ट्र की ईडी ने इकबाल मिर्ची की संपत्तियां खरीदने के लिए सनब्लिंक रियल एस्टेट नाम की एक और कंपनी को आरोपी ठहराया है. सनब्लिंक रियल एस्टेट साझा डायरेक्टरशिप के जरिए एक अन्य कंपनी से जुड़ी है, जिसने बीजेपी को दो करोड़ रुपये का चंदा दिया है।

बता दें न्यूज़ वेबसाइट द वायर की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को हम’ला बोला है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विट करते हुए लिखा की, चंदा लेने में बीजेपी का कमाल- करोड़ों का चंदा एक ऐसी कंपनी से लिया जिस पर दाऊद इब्राहिम के साथी आ’तं’की इकबाल मिर्ची की संपत्ति की खरीद-बेच की सांठ-गांठ का इल्जाम है. क्या यही है झूठा ‘राष्ट्रवाद’

आपको बता दें आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स लिमिटेड ने डी-गैंग से जुड़ी कंपनी के साथ कथित रूप से करोड़ों रुपये की लेनदेन भी की है। आरकेडब्ल्यू कंपनी के पूर्व निदेशक रंजीत बिंद्रा को ईडी अंडरवर्ल्ड की तरफ से लेनदेन करने के मामले में गिरफ्तार किया था। बिंद्रा पर आ’तं’की फंडिं’ग का भी आरोप लगा है।

साभार: जनसत्ता