फडणवीस के 80 घंटे का CM बनाने पर बीजेपी नेता अनंत होगड़े ने किया बड़ा खुलासा, कहा- 40 हजार करोड़ रुपये…

महाराष्ट्र में 24 नवंबर को बेहद ही नाटकीय ढंग से हुए देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के शपथ ग्रहण समारोह की आंच अब नौकरशाहों तक पहुंचने लगी है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक फडणवीस और पवार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव अजय मेहता रातों रात चार्टर्ड प्लेन के जरिए दिल्ली से मुंबई पहुंचे थे। 23 नवंबर की रात को उनके अलावा अन्य कई दूसरे अफसर भी राजभवन पहुंच चुके थे। हालांकि, उनकी तत्कालीन उपस्थिति अब उनके तनाव का कारण बन चुकी है।

वही भाजपा नेता अनंत हेगड़े ने महाराष्ट्र की राजनीति में हाल में हुए घटनाक्रामों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। हेगड़े के इस खुलासे से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। हेगड़े ने कहा, आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हमारे आदमी 80 घंटे के लिए सीएम बने थे। और फिर इस्तीफा भी देना पड़ा उन्होंने यह नाटक क्यों किया? क्या हमें नहीं पता था कि हमारे पास बहुमत नहीं है और फिर भी वह सीएम बने।

फडणवीस 80 घंटे के लिए सीएम क्यों बने? यह सवाल हर कोई पूछ रहा है।

बीजेपी नेता अनंत हेगड़े ने कहा की केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को 40 हजार करोड़ रुपये पहुंचाया था। हमें यह पता था कि अगर कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना की सरकार आई तो वे इस धन का उपयोग करेगी। इसलिए यह तय किया गया कि एक ड्रामा होना चाहिए। फडणवीस सीएम बने और उन्होंने 15 घंटे के भीतर 40 हजार करोड़ रुपये को केंद्र सरकार को लौटा दिया।

गौरतलब है कि 22 नवबंर की रात को कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार बनाने जा रही थी, इसके अलगे दिन ही यानी 23 नंबर को अजित पवार के समर्थन से बीजेपी ने महाराष्ट्र में सरकार गठन कर लिया था। और सुबह-सुबह देवेंद्र फडणवीस ने सीएम और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।

फडणवीस ने ऐसे समय में सीएण पद की शपथ ली थी, जब यह बिलकुल साफ हो गया था कि बीजेपी के पास बहुमत का आंकड़ा कही से कही तक नहीं है। फिर भी शपत क्यों ली वही शिवसेना ने भी ऐलान किया था कि वह किसी भी कीमत पर बीजेपी को समर्थन नहीं देगी।

वही देवेंद्र फडणवीस द्वारा सीएम पद की शपथ लेने के बाद बीजेपी ने दावा किया था कि उसके पास 170 से ज्यादा का आंकड़ा है। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की ओर से राज्यपाल के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई थी। याचिका में राज्यपाल द्वारा बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने के फैसले पर सवाल खड़े कि गए थे।

साथ ही यह मांग की गई थी कि 24 घंटे के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराया जाना चाहिए था। विपक्ष ने कोर्ट से कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बीजेपी जोड़तोड़ की राजनीति करेगी। रविवार और सोमवार को सुनवाई के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपाना फैसला सुना दिया था। और 24 घंटे के भीतर बीजेपी से बहुमत साबित करने के लिए कहा था।

लेकिन फडणवीस के बहुमत साबित करने से पहले ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा था कि उनके पास बहुमत का जरूरी आंकड़ा नहीं है, इसलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं।