पीएम मोदी की अपील पर बॉलीवुड अभिनेत्री का रिएक्शन सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

मुंबई: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जबरदस्‍त प्रदर्शन चल रहा है। यह मामला इतना तूल पकड़ चुका है कि रविवार शाम दिल्ली के जामिया नगर से लगे सराय जुलैना के पास डीटीसी की तीन बसों को फुक दिया गया। विवा’दास्प’द नागरिकता (संशोधन) कानून के खिला’फ सोमवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। वही जामिया के छात्रों का आरोप है कि पुलिस जबरदस्ती यूनिवर्सिटी में घु’सकर उनसे मा’रपी’ट की है। हलाकि प्रदर्शन अभी भी जारी है।

बता दें जामिया के छात्रों को सोमवार को देश भर के कई विश्‍वविद्यालयों के छात्रों का समर्थन मिल रहा है। जिसमे कई बॉलीवुड हस्तियों ने भी जामिया के समर्थन में अपनी राय रखी है। दरअसल हुआ ये कि हिं’स’क प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में शांति बनाए रखने को लेकर एक ट्वीट करते हुए सभी से अपील की थी झू’टी अफवा’हों पर ध्यान न दें इस पर बॉलीवुड एक्ट्रेस रेणुका शहाणे ने रिप्‍लाई करते हुए ट्वीट किया है।

मोदी जी असली ‘टु’कडे टु’कडे’ गैं’ग आपका आईटी सेल है: अभिनेत्री रेणुका शहाणे

आपको बता दें बॉलीवुड अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने पीएम मोदी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए निशाना साधा। उन्‍होंने लिखा सर प्‍लीज आप लोगों से कहें कि वे आपके सारे आईटी सेल ट्विटर हैंडल से दूर रहे। वे अधिकांश अफवाहें फैलाते हैं। उनकी बातों में झूठ ज्यादा होता है और वे भाईचारे, शांति व एकता के पूरी तरह खिलाफ हैं।

अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने कहा की मोदी जी आपकी आईटी सेल ही असली टु’कड़े-टु’कड़े गैं’ग है। कृपया उन्‍हें नफरत फैलाने से रोकें। रेणुका शहाणे के इस ट्वीट पर लोग खूब कमेंट कर रहे हैं और जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

वही एक्‍ट्रेस संध्या मृदुल अपने ट्वीट के जरिए पीएम मोदी पर निशाना साध रही हैं। संध्या मृदुल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए अपने ट्विटर हैंडल से लिखा, सर जरूरत है कि आप विभिन्न राज्यों में पुलिस को बुलाएं और इस हिं#सा को रोकें। और आप ट्वीट बाद में कर लेना धन्यवाद।

आपको बता दें इस पूरे घट’नाक्रम को लेकर देश की तमाम हस्तियों के साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने जामिया छात्रों के साथ की गई कथित पुलि’सिया ब’र्बर’ता की निंदा करते हुए मामले की सुप्रीम कोर्ट से जांच कराने की मांग की है।

वही मंगलवार को विपक्षी नेताओं की ओर से हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने यह सवाल किया कि यह सोचने वाली बात है कि आखिर यूनिवर्सिटी अधिकारियों की बिना कोई अनुमति के पुलिस ने कैसे घु’सकर कार्रवाई की। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।