ब्रुनेई में लागू हुआ एक और शरीयत क़ानून, पत्थर मारकर दी जाएगी मौ’त की सज़ा

समलैंगिक यानि होमोसेक्सुएलिटी होना आज के दौर में कोई बड़ी बात नहीं है. दुनिया में कई जगहों पर समलैंगिकता को सही माना जाने लगा है. वहीं कुछ जगहों पर अभी समलैंगिकता को पहचान दिलाने के लिए जद्दोजहद चल रही है. वहीं इस मामले में भारत की बात करें तो पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारत में इसे मान्यता दी गई हैं.

वहीं कई देशों जिनमें खास तौर पर मुस्लिम देश भी शामिल है, में समलैंगिता को अवैध माना जाता है. इसके आलावा इन देशों ने इस मामले में सजा देने के लिए कड़े कानून भी बनाए हैं. इसी तरह अब ब्रुनेई ने भी समलैंगिता को लेकर नए कानून का ऐलान किया है.

ब्रुनेई ने समलैंगिक सम्बन्धों और अनैतिक सम्बन्धों पर सज़ा देने के लिये शरीयत क़ानून के अंतर्गत सज़ा देने का फैसला लिया है. जिसके अनुसार आरोपी को पत्थर मारकर मा’र डालने की सज़ा का प्रावधान किया गया है. यह मामला देश भर में हो रही भारी आलोचना के चलते पीछ्ले चार सालों से उधर में लटका हुए था.

अधिकार समूहों ने बुधवार को इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की जिसके बाद अलगे ही बुधवार को इस कठोर दंड संहिता को लागू कर दिया गया. वैसे तो समलैंगिकता ब्रुनेई में पहले से ही अवैध है लेकिन अब इसके लिए मौ’त की सजा का प्रावधान कर दिया गया है.

खास बात यह है कि यह कानून केवल मुस्लिमों पर ही लागू होगा. वहीं एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बुधवार को ब्रुनेई से इस नई सजा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आग्रह किया है. आपको बता दें कि ब्रूनेई दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक हैं.

यह एक तरफ मलेशिया और दूसरी तरफ दक्षिणी चीन सागर से घिरा हुआ हैं. दक्षिण पूर्व एशिया में आने वाला यह देश Borneo Island में स्थित होने के कारण दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता हैं. ब्रूनेई दुनिया के उन कुछ देशों में से हैं जहां के निवासियों पर कड़े नियम-कानून लागू किये गए हैं.