बुलंदशहर: मुख्य आरोपी की शिकायत पर 7 मुसलमानों पर FIR दर्ज़ दो नाबालिग, जिसमे से 5 गांव में थे ही नहीं

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के स्याना में सोमवार को गौ$कशी के शक में हुए बवाल में एक पुलिस इस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक स्थानिये 20 वर्षीय युवक सुमित कुमार की मौ$त हो गई थे| इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है, और 4 लोग हिरासत में लिए गए हैं| पुलिस ने कुल 27 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को पुलिस की एफआईआर में मुख्य आरोपी बनाया है|

वहीं दूसरी और बुलंदशहर हिं$सा के मुख्य आरोपी बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की शिकायत पर गो|कशी को लेकर दर्ज़ की गई FIR में कुल सात लोगों के नाम हैं, जिनमें दो नाम हैं साजिद खान और अनस खान है| ये दोनों नाबालिग है। पुलिस जांच में पता चला कि साजिद 11 साल का है और अनस 12 साल का है।

अब साजिद के पिता यासीन परेशान हैं। यासीन का कहना है कि साजिद उनका बेटा है और अनस उनका भतीजा है। पुलिस ने कई घंटों तक यासीन और साजिद को थाने में बिठा रखा है। पुलिस का कहना है कि ये FIR भीड़ को चौकी के सामने से हटाने के लिए लिखी गई थी। अब ऐसे में यह बात साफ है कि योगेश राज ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के लिए इन बच्चो के झूठे नाम लिए है जिनसे पुलिस पूछ ताछ कर रही है।

मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि बुलंदशहर घटना के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इस जांच में यह पता लगाया जाएगा क्‍यों इतनी बड़ी घटना हुई और क्‍यों पुलिस अधिकारी इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़कर भाग गए।

एडीजी प्रशांत कुमार के मुताबिक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारने से पहले पिटाई की गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि इंस्पेक्टर के सिर में गोली लगने से उनकी जान गयी है| इंस्पेक्टर के सिर पर (बुलेट इंजरी) की पुष्टि भी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक बुलेट उनकी बाईं भौंह से होते हुए सिर के अंदर चली गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पॉइंट 32 बोर के हथियार से गोली चलने की बात सामने आई है|

फिलहाल जिले में शांतिपूर्ण तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को मंगलवार सुबह 10 बजे पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई थी जिसके बाद उनके प$र्थिव शरीर को पैतृिक घर एटा जिले के तरगवां गांव ले जाया गया जहाँ उनका अं$तिम संस्कार किया गया।