मस्जिद पर लाल झंडा फहरा कर, ईरान ने किया अमेरिका के खिलाफ जं’ग का एलान, देखिए

दिल्ली: अभी हाल ही में अमेरिकी के द्वारा किये गए हवाई हम’ले में एक ईरानी कमां’डर ‘कासिम सुलेमानी’ की जा’न चली गयी थी. इसके बाद ईरान ने अमेरिका से उनकी मौ’त का बद’ला लेने का एलान कर दिया था. फिर पहले हम’ले के 24 घंटे के भीतर ही अमेरिका ने इरान पर दूसरा हम’ला कर दिया जिसमें कुछ और भी लोगों की जा’नें गयीं. अब इस बात को गं’भीरता से लेते हुए इरान ने अमेरिका के खिला’फ अघोषि’त रूप से यु’द्ध का एलान कर दिया है.

दरअसल शनिवार की सुबह ईरान की जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराया गया, इसके बाद ये संकेत मिल गया कि ये अमेरिका के खिला’फ जं’ग का एलान हो चुका है. आपको बता दें कि इस तरह से ऐसे हाला’तों के वक़्त जब हुज़ूर के ज़माने में झंडा फहराया जाता था तो इसका मतलब होता था कि अवाम और सैनिक अब दुश्म न से लड़ने के लिए तैयार रहें.

Iran ne masjid par lal jhanda

इमाम हुसैन ने कर्ब’ला के दौरान भी मस्जिद पर लाल झंडा फहराया था

यह देश की अवाम और दूसरे देश के लोगों के लिए अघोषित रूप से एक संकेत है की अब यु’द्ध की शुरुआत हो गयी है. सब लोग तैयार रहें. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जाता है कि ईरान में यह पहली बार नहीं हुआ कि इस तरह किसी मस्जिद पर लाल झंडा फहराया गया हो.

जानकारी कुछ ऐसी है कि इरान में कोम स्थित जानकरन नाम की मस्जिद की गुंबद पर आम तौर पर धा’र्मिक झंडे को ही फहराया जाता है. अगर धार्मिक संकेतों की बात करें तो काला झंडा दुः’ख जताने का प्रतीक है.

पुराने समय में जब कोई राजा जं’ग में हार का मुहँ देखता था तो लौटते वक़्त वो कला झंडा दिखा देते थे, जिससे अवाम को एक खामोश सन्देश चला जाता था कि हमारे राजा की हार हो चुकी है. ये काला रंग झंडें में एक तौर पर विरो’ध का भी प्रतीक है.

लेकिन किसी आपात स्तिथि में जिस तरह अभी जो इरान के साथ हुआ, ऐसे में धार्मिक झंडे को हटाकर उसकी जगह लाल झंडा फहराने का मतलब यह है कि अब हमारी तरफ से भी यु’द्ध का एलान किया जा रहा है. क्योंकि लाल झंडे का मतलब दु’ख ज़ाहिर करना नहीं होता है.

ईरान ने अपने नागरिकों को माजिद पर लाल रंग का झंडा फहराकर उनको सन्देश भी दिया है कि अवाम, यु’द्ध की स्थिति के लिए तैयार रहे. मीडिया के मुताबिक गौर करने वाली बात यह भी है कि ईरान और इराक के बीच जब यु’द्ध हुआ था उस दौरान किसी भी मस्जिद पर लाल झंडा नहीं फहराया गया.

लाल झंडे को इस्लाम के मुताबिक खू’न और शहाद’त का प्रतीक माना जाता है, इसलिए ईरान देश ने जिस तरह से अपनी मस्जिद पर यह लाल रंग का झंडा फहराया ये एक तीखा सन्देश अमेरीका के लिए है कि ईरान अब अपने मा’रे गए कमांडर सुलेमानी के बदले के लिए तैयार है.

आपको बता दें कि इरान की जामकरन मस्जिद को ईरान में सबसे पवित्र और मुखिया मस्जिद माना जाता है. यहां के ईरानी युवाओं में इसका काफी प्रभाव भी है.