CAA के विरोध में निकला ऐसा हुजूम के देखते ही रह गए लोग, मध्य प्रदेश के गुना ज़िले से ख़बर

देशभर में नागरिकता कानून के लागू होने के बाद इसके विरो’ध में स्वर और भी तेज़ हो गए हैं, और देश भर के कई छोटे-बड़े शहरों से (CAA) नागरिकता कानून के खिला’फ लोग जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. जिसमें से दिल्ली का शाहीन बाग का प्रदर्शन सबसे चर्चित रहा. हालांकि कई जगह प्रदर्शन में पुलिस की बर्बरता देखी गई, लेकिन इसके बावजूद भी नागरिकता कानून के खिलाफ सभी समुदाय के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया.

खबर है मध्य प्रदेश के गुना ज़िले से, जहां नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर जब लोग सड़कों पर उतरे तो सारा शहर देखता रह गया. क्योंकि और शहरों की तरह यहां भी काफी बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुआ, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.

मध्य प्रदेश के गुना में CAA के खिलाफ़, सड़कों पर उतरी जनता

Guna CAA PRotest

इस बड़े प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए, जिसमें मुस्लि’म समुदाय के अलावा और भी सभी धर्मों के लोग शामिल थे. इससे पहले गुना ज़िले की जनता ने सरकार के खिलाफ कभी ऐसी मज़बूत एकता नहीं देखी.

इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी काफी सराहा, कि हम हमेशा से एक थे और एक ही रहेंगे. लोगों से बात करने के दौरान पता चला की इससे पहले CAA के समर्थन में गुना ज़िले में एक रैली की गयी थी, जिसमें स्कूल के छोटे छोटे बच्चों को शामिल किया गया था. और इसमें ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सके थे.

CAA Protest Raily Guna

वाकई में अगर सोशल मीडिया पर कुछ ब्रेन वाश किये हुए कुछ नयी उम्र के युवाओं को छोड़ दें, तो आज भी सब एक दूसरे के फिक्रमंद हैं. वह कभी अपने साथियों को अपने जिले के नागरिकों को दोस्तों को किसी भी तरह की परेशानी में नहीं देखना चाहते.

गुना जिले के शास्त्री पार्क में CAA के खिलाफ रोज़ हो रहा है प्रदर्शन

कुछ समय से दिल्ली के शाहीन बाग़ की तरह गुना के बीचों बीच स्थित, शास्त्री पार्क पर भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रोजाना प्रदर्शन हो रहा है. और यह तब तक होता रहेगा, जब तक सरकार इस काले कानून को वापस नहीं ले लेती.

यहां पर भी शहर के सामाजिक संगठन, कार्यकर्त्ता और मुस्लि’म समाज के लोग उपस्थित रहते हैं. फिलहाल आने वाली 26 जनवरी को भी शहर के लोग परेड ग्राउंड पर नागरिकता कानून के विरोध में झांकी निकालने के बारे में विचार कर रहे हैं.

फिलहाल देशभर के कई शहरों में दिल्ली के शाहीन बाग़ की तरह, रोजाना प्रदर्शन व्यापक रूप लेते जा रहे हैं. लेकिन सरकार है कि इस कानून मैं किसी तरह का संशोधन करने या उसको वापस लेने के मूड में नहीं दिखती.

अब आने वाले समय में देखना यह होगा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जो आवाजें उठ रहीं हैं, यह सरकार के लिए कितना नुकसानदेह साबित होंगे यह तो वक्त ही बताएगा.