कांग्रेस समेत 22 दलों ने केंद्र सरकार से की यह मांगे, इन परिवारों को दिए जाए 6 महीने तक 7,500 रुपये महीने

कोरोना वायरस महामारी के बीच फंसे प्रवासी श्रमिकों की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही हैं. देश भर में तालाबंदी के चलते रोजगार के सारे रास्ते बंद है, ऐसे में उन के पास पेट करने के लिए भोजन की तक समस्या आ खड़ी हुई हैं. ऐसे संकट में भी केंद्र सरकार का मजदूरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाती नजर नहीं आ रही हैं. इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस समेत 22 विपक्षी दलों ने सरकार से मांग करके मजदूरों पर ध्यान देने की बात कही हैं.

शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेस के जरिए कांग्रेस समेत 22 विपक्षी दलों के बीच बैठक हुई. इस दौरान प्रवासी मजदूरों की स्थिति और मौजूदा संकट को लेकर और इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे क़दमों पर चर्चा की गई. चर्चा के बाद सरकार के सामने 11 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं.

 

यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई. इस दौरान राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और अधीर रंजन चौधरी भी मौजूद रहे.

वहीं बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री एवं जद (एस) नेता एचडी देवेगौड़ा, तृणमूल कांग्रेस से पार्टी अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और डेरेक ओब्रायन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से शरद पवार एवं प्रफुल्ल पटेल, शिवसेना से महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और संजय राउत वीडियो कांफ्रेस के जरिए बैठक में शामिल हुए.

इसके आलावा द्रमुक से एमके स्टालिन, राजद से तेजस्वी यादव एवं मनोज झा, लोकतांत्रिक जनता दल से शरद यादव, माकपा से सीताराम येचुरी, झामुमो से हेमंत सोरेन, नेशनल कांफ्रेंस से उमर अब्दुल्ला, भाकपा से डी राजा, रालोद से जयंत चौधरी, रालोसपा से उपेंद्र कुशवाहा ने बैठक में शिरकत की.

इस दौरान एआईयूडीएफ से बदरूददीन अजमल, हम से जीतन राम मांझी, आईयूएमएल से पीके कुनालिकुट्टी, केरल कांग्रेस (एम) से जोस के. मणि, स्वाभिमानी पक्ष से राजू शेट्टी, आरएसपी से एनके प्रेमचंद्रन, तमिलनाडु की पार्टी वीसीके से थोल थिरुमावलन और टीजेएस से कोंडनदरम बैठक में शामिल हुए थे.

इस दौरान सरकार के सक्षम 11 मांगे रखने पर हामी भरी गई. सभी दलों ने सरकार से मांग की कि आयकर दायरे से बाहर के सभी परिवारों को छह महीने तक 7500 रुपये प्रति महिना दिया जाए.  जिसमें से 10 हजार रुपये तत्काल भुगतान किये जाए तथा शेष पांच महीने में दिया जाए.
इसके साथ ही अगले छह महीने के लिए सभी जरूरतमंद लोगों को 10 किलोग्राम प्रति माह अनाज उपलब्ध कराया जाए. सरकार मनरेगा के तहत कामकाज के दिनों को 150 से बढ़ाकर 200 दिन करें. साथ ही प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए उन्हें मुफ्त परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाए.

इसके साथ ही विदेश में फंसे भारतीय छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने की व्यवस्था की जाए. कोविड-19 की जांच, संक्रमण और संक्रमण रोकने के उपायों को लेकर सटीक जानकारी दी जाए. एकतरफा नीतिगत निर्णयों जैसे श्रम कानूनों में बदलाव सहित सभी को बदला जाए.

किसानों से रबी की उपज को एमएसपी के मुताबिक खरीदा जाए और किसानों को खरीफ की फसल के लिए बीज, उर्वरक और अन्य दूसरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. अग्रिम मोर्चे पर कोरोना महामारी से लड़ रही राज्य सरकारों को धन मुहैया कराया जाए. अगर सरकार के पास लॉकडाउन से बाहर निकलने को लेकर कोई रणनीति है तो उसे स्पष्ट किया जाए.

इसके आलावा संसदीय कामकाज और समितियों की बैठक तुरंत बहाल की जाए और 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के स्थान पर संशोधित और समग्र पैकेज पेश किया जाए. केंद्र सरकार कोई भी अंतरराष्ट्रीय अथवा घरेलू उड़ान की शुरुआत करने से पहले संबंधित राज्य सरकार से विचार-विमर्श आवश्यक रूप से करें.

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