अब इस मुख्यमंत्री ने दिया बीजेपी सरकार को झटका, पिछड़े मुसलमानों को 12 और अनुसूचित जनजाति को 10 फीसदी आरक्षण की मांग की

हैदराबाद: तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने मंगलवार को केंद्र से आग्रह किया कि वह सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए प्रस्तावित विधेयक में संशोधन कर पिछड़े मुसलमानों और अनुसूचित जनजातियों (एस टी) को शामिल करे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने अपनी पार्टी के सांसदों को निर्देश दिया कि वे संसद में विधेयक के आने पर इसमें संशोधन की मांग करें।

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार राव ने सांसदों से कहा है कि वह केंद्र की ओर से प्रस्तावित विधेयक में संशोधन की मांग करें। विधानसभा ने 2017 में विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर पिछड़े मुसलमानों को 12 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति को 10 फीसदी आरक्षण देने की मांग करते हुए इसे केंद्र के पास भेजा था लेकिन तब से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, इस प्रस्ताव को संसद में पेश किया जाना चाहिए। तेलंगाना विधानसभा ने 2017 में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में पिछड़े मुसलमानों और एसटी को आरक्षण देने के लिए एक विधेयक पारित किया था।

वर्तमान में राज्य में पिछड़े मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण और एसटी के लिए छह प्रतिशत आरक्षण है। चूंकि, आरक्षण में वृद्धि से राज्य में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा, इसलिए केसीआर ने केंद्र से राज्य के कानून को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह किया।

जैसा कि तमिलनाडु के मामले में किया गया था। केंद्र ने अभी तक राज्य के अनुरोध पर कोई कदम नहीं उठाया है।