चीन का बर्बर रवैया: कैदी मुस्लिमों के अंग निकालकर कोरोना पी’ड़ितों का कर रहा…

बीजिंग: दुनिया भर में कोरोना वायरस नामक बिमारी का केहर जारी है. सबसे पहले चीन में दस्तक दी थी जिसके बाद यहां खुब तबाही मचाई है। चीन में तकरीबन चार हज़ार लोगो इस बीमारी के चलते जा’न गवा चुके है। हलाकि चीन दावा कर रहा है की उसने कोरोना वायरस पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया है। लेकिन कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिससे चीन की हरकतों पर सवाल उठने लगे हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार चीनी सरकार कैंप में बंद ऊइगर मुस्लिमों के अंग निकाल कर कोरोना पी’ड़ितों का इलाज कर रही है। ‌ये दावा मशहूर इन्वेस्टि गेटिव जर्न लिस्ट सुजेन वर्लमैन ने किया है। जहां उन्होंने बताया कि जिन कोरोना वायरस के मरीज की जा’न बचाने के लिए किसी अंग की जरूरत पड़ी तो वो बड़ी ही आसानी से मिल जा रहा है।

हलाकि चीन पर पहले भी इस तरहे के आरोप लग चुके हैं। सीजे वर्लमैन के मुताबिक चीन में कुछ ही दिन पहले डबल ट्रांस प्लांट के सफल आपरेशन का ऐलान किया गया था। जो कि कोरोना वायरस से पी’ड़ित था, और इस बिमारी के कारण उसके आय रिशफेल्यिर से जुझ रहा था।

जिसकी उम्र तकरीबन 59 साल की थी। लैटिन आर्गेन डिमांड अघिक ज्यादा होने के बावजूद भी इस आदमी को महज़ पाचं दिनों में आर्गेन मिल गया। आपको बता दें चीन में सबसे कम आर्गेन डोनेट किया जाता है।

दुनिया भर में इस बात को लेकर चर्चा की जा रही है कि चीन के डिटेंशन कैम्प में करीबन 30 लाख उइगर मुस्लिमो के जबरदस्ती उनके अंग निकाले जा रहे हैं। बीते 29 फरवरी को चीन के इस काले धंधे की अन्त र्राष्ट्रीय रिपोर्ट सामने आई।

इस रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि कैंपों में बदं उइगर मुस्लिमों की कि’डनी, ली’वर, फे’फड़े, आं’खें और कई पार्ट तक भी निकाल कर मार्केट में बेचे जा रहे हैं। ऐसे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि चीन में यह सब कुछ क्यों हो रहा है।