चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुस कर बनाया ब्रिज, मचा बवा’ल: भाजपा सांसद ने उठाया

चाइना और भारत के बीच रिश्ते नाज़ुक होने की ख़बरें आये दिन सुर्ख़ियों में आती रहती हैं| जहां एक तरफ कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और भारत के रिश्तों में खटास पैदा हुई है वहीँ दूसरी तरफ पकिस्तान का समर्थन चाइना कर रहा है| भारत और चाइना के रिश्ते हमेशा से ही ख़राब रहे हैं| चाइना से भारत के रिश्तों को लेकर अभी हाल ही में खबर आयी है कि चाइना भारत में घुसने का पूरा प्रयास कर रहा है| बीजेपी के अरुणाचल प्रदेश से सांसद ने पिछले महीने चीनी सेना के भारतीय इलाके में घुसने का दावा किया है।

सांसद तापीर गाओ का कहना है कि चीनी सैनिक न सिर्फ भारतीय सीमा में घु’से बल्कि उन्होंने भारतीय क्षेत्र में घु’स कर एक लकड़ी के पुल का भी निर्माण किया है। हांलाकि भाजपा सांसद के इस दावे को भारतीय सेना ने अभी पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सांसद का कहना है कि यह ब्रिज किओमरु नाला की धारा पर बनाया गया है। यह क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश में अंजवाल जिले के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र से 25 किलोमीटर उत्तरपूर्व में स्थित है।

गाओ ने बताया कि एक भाजपा कार्यकर्ता इस क्षेत्र में शिकार करने के लिए गया था। इस दौरान उसने वहां एक पुल का वीडियो बनाया। भाजपा सांसद ने इस संबंध में एक फेसबुक पोस्ट भी लिखा था लेकिन वहीँ दूसरी ओर सांसद के दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए भारतीय सेना का कहना है कि सांसद जिस क्षेत्र की बात कह रहे हैं वह विवादित क्षेत्र ‘फिश टेल’ के पास की जगह है।

इसके बाद सेना ने कहा कि यह जगह भारत-चीन-म्यांमार तीनों की सीमावर्ती स्थान से सबसे पूर्व में स्थित है। इस क्षेत्र में न तो चीनी सैनिक और ना ही आम लोगों की स्थायी रूप से कोई मौजूदगी है। इसके अतिरिक्त सिर्फ भारतीय सेना की तरफ से ही यहां निगरानी की जाती रहती है।

आपको बता दें कि इससे पहले भाजपा सांसद ने कहा था कि वह इस घटना के लिए भारतीय सुरक्षा बलों को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे हैं। उनका तो यह कहना है कि उस इलाके में पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं है। ऐसे में वहां निगरानी करना संभव नहीं है।

इसके बाद सांसद तापीर गाओ ने कहा कि राज्य का प्रतिनिधि होने के कारण मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह चीन-भारत सीमा पर आधारभूत ढांचा विकसित करे। इसमें हायुलांग और चागलागाम और इससे इतर इलाकों में सड़क निर्माण शामिल है।

उन्होंने सरकार से चीनी नेताओं और अधिकारियों से द्विपक्षीय बातचीत करने की भी बात कि जिससे दोनों देशों के बीच मुद्दों को सुलझाया जा सके। इसी के साथ गाओ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार द्विपक्षीय बातचीत में इस मुद्दे को जरूर उठाएगी।

साभारः #Jansatta