NRC का खौफ? मस्जिदों के इमामों और मौलवियों ने जारी की सलाह, तैयार रखें ये सब

बेंगलुरु: नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) सोमवार को लोकसभा में पास होने के बाद बुधवार को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पेश किया। सड़क से लेकर संसद में जारी घमासान के बीच राज्यसभा में भी नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया आपको बता दें विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े। अब बिल राष्ट्रपति के पास जाएगा और उनकी मंजूरी के साथ ही कानून बन जाएगा।

इसी को देखते हुए कर्नाटक की मस्जिदों ने मुसलमा’नो को अपने दस्तावेज दुरुस्त रखने को कहा गया है। मामले में इमामों और मौलवियों ने मुस्लि’मों से अपील की है कि अगर उनके दस्तावेज में कुछ थोड़ी भी गड़बड़ी है तो वे उसे ठीक करा लें। बता दें कि लोगों को उनके दस्तावेज तैयार रखने और गलतियों को सुधारने में मदद के लिए बेंगलुरू में जामिया मस्जिद में तीन महीने पहले एक नागरिक केंद्र भी खोला गया था।

कर्नाटक की मस्जिदों के इमाम और मौलवियों ने मुस्लि’मों से की अपील- अपने दस्तावेज दुरुस्त रखें

आपको बता दें बेंगलुरू जामिया मस्जिद के इमाम मकसूद इमरान ने कहा की भारत के हर नागरिक के लिए अपना दस्तावेज दुरुस्त कराना जरूरी है। इसे ही ध्यान में रखते हुए जामिया मस्जिद के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है जिसमें हम मुस्लि’मों को अपने रिकॉर्ड पूरी तरह से दुरुस्त रखने की सलाह देते हैं।

जरुरी बात सभी लोगों तक जरूर पहुचाये

इस पोस्ट को पढ़ने वाले मुस्लि’म भाइयों से गुजारिश है कि इस पोस्ट को अपने भाइयों के साथ ज़रूर साझा करें, और साथ ही अपने शहर और मोहल्ले की मस्जिद के इमाम और मौलवियों के साथ शहर की सभी मस्जिदों में इस तरह के नागरिक सहायता केंद्र खोले जाने को लेकर मशवरा करें.

बेंगलुरु में जामिया मस्जिद के इमाम मकसूद इमरान ने कहा की हमने जामिया मस्जिद में नागरिक केंद्र की भी स्थापना की है, जहां हम लोगों से कुछ दस्तावेज तैयार रखने और उनमें कोई गलती तो नहीं है, यह सुनिश्चित करने को कहते हैं। इमाम ने यह भी कहा कि कभी-कभी आधार, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं अन्य दस्तावेजों में नाम में फर्क होता है। और सभी को इन गलतियों को सुधार लेना चाहिए।

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारत के हर नागरिक के लिए अपना दस्तावेज दुरुस्त रखना जरूरी है. इसे ही ध्यान में रखते हुए जामिया मस्जिद के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमने जामिया मस्जिद में नागरिक केंद्र की स्थापना की है, जहां हम लोगों से कुछ दस्तावेज तैयार रखने और उनमें कोई गलती तो नहीं है, यह सुनिश्चित करने को कहते हैं।

हलाकि इमाम इमरान ने कहा की इस मुहिम का एनआरसी से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि दक्षिण भारत में घु’सपै’ठ कोई मुद्दा नहीं है इसलिए एनआरसी को लेकर डरने या चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

एनआरसी कोई मुद्दा नहीं है। यह किसी रूप में हमें प्रभावित नहीं करेगा। हुकूमत के पास पैसे ज्यादा हैं तो खर्च करें। बता दें कि बस्वे’श्वरनगर के रहने वाले मोहम्मद शहनाज ने भी इस बात की पुष्टि की कि इलाके की मस्जिद ने मुस्लि’मों को अपने दस्तावेज तैयार रखने और कोई गलती होने पर उसे सुधारने को कहा है।