RSS पर लगाम की तैयारी में सीएम कमलनाथ, फैसले से उड़े भगवा संघठन के होश

हाल ही में हुए मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में 15 साल से सत्तारूढ़ बीजेपी करारी हार देने वाली कांग्रेस ने सत्ता की बागडोर संभाल ली है. कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया हैं. मुख्यमंत्री बनने के साथ ही कमलनाथ लगतार बड़े बड़े फैसले करते जा रहे हैं. जिससे विपक्षी बीजेपी भी हैरान है, कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कई वादे किये थे जिन्हें पूरा करना कमलनाथ ने पहले ही दिन से ही शुरू कर दिया हैं.

कमलनाथ ने सबसे पहले सीएम की कुर्सी पर बैठते ही किसानों का कर्ज माफ़ करने का फैसला किया था. इसके बाद कमलनाथ लगातार वचन पत्र में किये वादों को पूरा करने में जुटे हुए है. इस वचन पत्र में आरएसएस को लेकर भी एक बड़ा वादा किया गया था जिस पर हंगमा भी हुआ था.

कांग्रेस ने सरकारी स्थानों में आरएसएस की शाखाओं पर बैन लगाने की बात कही थी. कांग्रेस के वचन पत्र के प्वाइंट नंबर 47.62 में वादा किया गया था कि शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध लगाएंगे.

इसके साथ ही कहा गया था कि शिवराज सरकार द्वारा शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी जारी किया गया आदेश को निरस्त किया जाएगा. पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बारे में सीएम कमलनाथ से सवाल पूछा गया.

जिस पर कमलनाथ ने कहा कि निश्चित तौर पर वह अपने घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे. वहीं जब कांग्रेस में अपने वचन पत्र में शासकीय भवनों में संघ की शाखा और सरकारी कर्मचारियों के शाखा में जाने पर पाबन्दी की बात कही थी तो बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया था.

बीजेपी ने इसे आरएसएस पर बैन के तौर पर पेश करने का प्रयास किया था वहीं कई राजनीतिक जानकारों ने इसे लेकर कहा था कि यह वादा कांग्रेस के लिए विपरीत साबित होगा और हार की मुख्य वजह बनेगा लेकिन नतीजों ने इसे सही साबित किया और कांग्रेस की जीत हुई.

वहीं इसे लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि जल्द ही एमपी में सरकारी भवनों में संघ की शाखा और सरकारी सरकारी कर्मचारियों के जाने पर रोक लगाई जाएगी. संघ के लोग इस बात से कितना भी इनकार कर ले लेकिन संघ एक राजनीतिक संगठन है. कांग्रेस अपना वादा जरुर पूरा करेगी.