NRC के खिलाफ़ उतरीं सीएम ममता बनर्जी, रैली निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की अंतिम सूची से 19 लाख लोगों को बाहर निकाले जाने के विरोध में आज गुरुवार को सिंथी मोड़ से रैली शुरू कर दी है। यह रैली श्यामबाजार में समाप्त होगी। बता दें कि इस रैली में ममता बनर्जी, उनकी पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद हैं। जुलूस के संबंध में कोलकाता नगर निगम के मेयर व राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने बताया कि बंगाल की जनता राज्य में एनआरसी लागू नहीं होने देगी जिसका प्रमाण गुरुवार के जुलूस में ही मिल जाएगा।

इसी के साथ उनका कहना है कि इस कारण उत्तर कोलकाता के व्यस्त बीटी रोड पर ट्रैफिक जाम से लोगों को परेशान होना पड़े। जानकारी के लिए आपको बता दें कि तृणमूल की ओर से केंद्र की एकाधिक नीतियों के खिलाफ पहले से ही इस दिन विरोध जुलूस निकालने का आह्वान किया गया है|

इससे पहले एनआरसी के खिलाफ तृणमूल की ओर से 7 व 8 सितंबर को जिलों में विरोध प्रदर्शन किया गया था। बता दें कि ममता असम में एनआरसी से करीब 19 लाख लोगों को बाहर किए जाने को लेकर पहले ही सरकार को कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर कर चुकी हैं।

ममता बनर्जी ने कहा कि 19 लाख लोगों को अंतिम सूची से बाहर रखा गया है, जिसमें हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध शामिल हैं। स्वतंत्रता के 76 वर्ष हो गए हैं फिर भी हमें अपनी पहचान का प्रमाण देना है। क्यूं? बता दें इससे पहले उन्होंने 06 सितंबर को प्रदेश की विधानसभा में कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनआरसी को लागू नहीं करने देंगे।

उन्होंने कहा था कि मैंने नीतीश कुमार से बात की, उन्होंने यह भी कहा कि वे नेशनल रजिस्टर सिटिजन्स (NRC) की अनुमति नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ी संख्या में बंगालियों को एनआरसी की अंतिम सूची से बाहर रखे जाने को लेकर चिंता जता चुकी हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि एनआरसी की विफलता ने उन सभी लोगों को उजागर कर दिया है जो इससे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें देश को बहुत जवाब देने हैं।

इसी के साथ मुख्यमंत्री ने कहा था कि ऐसा तब होता है जब कोई कार्य समाज की भलाई और देश के व्यापक हित के बजाय गलत उद्देश्य के लिए किया जाए। मेरी हमदर्दी उन सभी, विशेषकर बड़ी संख्या में बांग्ला भाषी भाइयों और बहनों के साथ है, जो इस व्यर्थ की प्रक्रिया के कारण पीड़ित हुए हैं।

साभारः #LokmatNews