सरकार बनने के हफ्ते भर में ही सीएम उद्धव ठाकरे का दूसरा बड़ा फैसला, संघ से जुड़े संगठनों के खिला’फ़ उठाया..

नई दिल्ली: शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही वह राज्य के 18वें मुख्यमंत्री बने हैं. वह महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने वाले शिवसेना परिवार में से पहले और पार्टी के तोर पर तीसरे नेता हैं. उनसे पहले मनोहर जोशी और नारायण राणे भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बता दें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आरएसएस से संबद्ध नागपुर के एक शोध संस्थान को स्टांप शुल्क से छूट देने का पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है।

आपको बता दें महाराष्ट्र सरकार ने संघ से जुड़े एक ट्रस्ट को जमीन खरीद पर दी जाने वाली स्टाम्प ड्यूटी माफ करने के फैसले को रद्द कर दिया। पूर्व की फडणवीस सरकार आरएसएस से जुड़े ट्रस्ट को जमीन खरीद के रजिस्ट्रेशन के दौरान स्टाम्प ड्यूटी अदा करने से राहत देती आई है। ट्रस्ट ‘रिसर्च फॉर रिसर्जेंस’ ने नागपुर के कोटला इलाके में 105 एकड़ जमीन खरीदी है।

सीएम उद्धव ठाकरे ने नागपुर में संघ से जुड़े ट्रस्ट को दी जाने वाली स्टाम्प ड्यूटी माफी पर लगाई रोक

इंडिया टीवी न्यूज़ में छपी खबर के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने बुधवार को लिया है। वही सरकारी अधिकारी ने बताया कि नागपुर के पुनरुत्थान शोध संस्थान ने वहां करोल तहसील में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है। बता दें इस संस्थान की स्थापना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा भारतीय शिक्षण मंडल ने की थी।

आपको बता दें बीते नौ सितंबर को देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली तत्कालीन सरकार ने संस्थान को इस जमीन के सौदे के लिए स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के भुगतान से छूट दी थी। अधिकारी ने कहा, 105 हेक्टेयर जमीन की खरीद के लिए 1.5 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क पर दी गई छूट को अब रद्द कर दिया गया है।

वही इस फैसले के बाद संस्थान को अब स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा। सूत्रों ने इससे पहले बताया था कि राज्य मंत्रिमंडल की एक बैठक यहां बुधवार को हुई जहां देवेंद्र फडणवीस नीत पूर्व सरकार द्वारा अंतिम दिनों में लिए गए 34 फैसलों पर चर्चा की गई।

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