VIDEO: कांग्रेस का हिंदुत्व को लेकर बड़ा खुलासा, सावरकर ने किया था जिन्ना का समर्थन महात्मा गांधी की ह#त्या में भी…

वीर सावरकर को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में अब तक किनारा करती रही कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनावों में खुलकर सावरकर के खिलाफ मैदान में उतर आयी है| यह स्थिति आज उस समय पैदा हुई जब शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नेहरु पर हम’ला बोलते हुए कहा कि यदि सावरकर इस देश के प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान अस्तित्व में ही नहीं आता| अब ठाकरे के बयान पर कटा’क्ष करते हुए कांग्रेस ने उनके बयान को निराधा’र बताया है। अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक कांग्रेस ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे हिंदु’त्व के आइकन सावरकर ने दो राष्ट्रों के सिद्धां’तों का प्रचार किया था।

साथ ही कांग्रेस पार्टी ने इस दौरान यह भी कहा कि सं’घ परिवार की कोशिश है कि वह अपने आदर्शों के मुताबि’क दोबारा इतिहास लिखे। कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे की टिप्पणी पर तीखा हम’ला बोला और 18 अगस्त 1943 के द इंडियन एन्युवल रजिस्टर का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया जिसमें सावरकर ने कहा है कि हिं’दू महासभा हमेशा उन लोगों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है जो चार सिद्धां’तो में विश्वास रखते है|

बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक बयान जारी कर कहा कि सावरकर ने नागपुर में अगस्त 1943 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी जिसके दस्तावेज में सावरकर के हवा’ले से लिखा गया है कि बीते 30 सालों से हम भारत की भौगोलिक एकता के अभ्यसत रहे हैं और कांग्रेस इस एकता की सबसे जोरदार तरीके से वकालत करती रही है। मगर अचानक से मुस्लि’म समुदाय एक के बाद एक छूट की मांग करते हैं।

इसी के साथ लिखा कि अब यह कम्युनल अवॉर्ड के रूप में सामने आया है कि उन्हें एक अलग देश चाहिए। दो राष्ट्र के सिद्धांत को लेकर मेरा मिस्टर जिन्ना पाकिस्तान के कायद ए आजम मोहम्मद अली जिन्ना से कोई झगड़ा नहीं है। हम हिं’दू अपने आप मैं एक देश हैं और एतिहासिक तथ्य है कि हिं’दू और मुस्लि’म दो राष्ट्र हैं।

सावरकर के इस कोट के साथ कांग्रेस ने अपने ट्विटर पोस्ट में लिखा कि संघ बिराद’री इतिहास को दोबारा लिखकर अपना सबसे बेहतर तरीके से समय काटते हैं। यह बात रिकॉ’र्ड में है कि संघ विचारक सावरकर दो राष्ट्र सिद्धांत के समर्थक थे, और यह भी प्रासांगिक है कि जब स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोग अंडमान जेल में गए तब सिर्फ तीन लोगों ने पत्र के जरिए अंग्रेजों को माफीना’मा भेजा था।

कांग्रेस ने बात का खुलासा करते हुए बताया कि माफ़ीना’मा लिखने वालों में से दो सावरकर के भाई थे। इनमें वीडी सावरकर ने छह पत्र लिखे। इसके विपरीत पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नौ साल जेल में बिताए मगर कभी किसी अंग्रेज को माफीना’मे का पत्र नहीं लिखा।

आपको बता दें कि शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने एक आत्मकथा सावरकर इकोज फ्राम अ फॉरगाटेन पास्ट के विमोचन के मौके पर कहा कि सावरकर को भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि केवल महात्मा गांधी और नेहरू पर ध्यान केंद्रित करना ग’लत है क्योंकि अन्य नेताओं ने भी स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया था।

अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ में छपी एक खबर के मुताबिक सावरकर महात्मा गांधी के ह#त्या में भी आरो’पी थे और पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिए गए। इसके बावजूद वह महाराष्ट्र में जबरदसत् सद्भावना रखते हैं। हालांकि कांग्रेस अतीत में ऐसे मुद्दों को ज्यादा तवज्जों नहीं देती रही है मगर राष्ट्रीय प’रिदृ’श्य में नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के कांग्रेस वैचारिक मु’द्दों पर क’ड़ा रुख अपना शुरू कर दिया है।

साभारः #Jansatta